रायपुर, 18 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक कहानियां सामने आ रही हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार अपना रही हैं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी सेवाएं भी उपलब्ध करा रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी दुर्ग जिले के ग्राम बोडेगांव निवासी श्रीमती सोनिया साहू की है, जो स्व-सहायता समूह से जुड़कर आज बैंक सखी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। सोनिया साहू की सफलता इसी दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है।

सेवा संकल्प से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

स्व-सहायता समूह से जुड़ने और उचित प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सोनिया साहू ने बैंक सखी के रूप में कार्य करना शुरू किया। वर्तमान में वे ग्रामीण क्षेत्र ननकट्टी में बैंक सखी के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 3 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला है और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त हुआ है।

स्वरोजगार की शुरुआत करने में स्व-सहायता समूह से मिले आर्थिक सहयोग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज सोनिया साहू डिजिटल भुगतान, बैंकिंग लेन-देन और बीमा सहित विभिन्न वित्तीय सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों की सहायता कर रही हैं।

ग्रामीणों को गांव में ही मिल रहीं बैंकिंग सुविधाएं

बैंक सखी के रूप में सोनिया साहू ग्रामीणों तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। बैंक सखियों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को बैंक खाते खोलने, आधार सीडिंग, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), पेंशन भुगतान और छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त करने जैसी सेवाओं में सहायता मिलती है।

इससे ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम होती है। साथ ही, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

सेवा संकल्प से बढ़ा आत्मविश्वास, मजबूत हुआ महिला सशक्तिकरण

बैंक सखी के रूप में काम करने से सोनिया साहू के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। इस कार्य ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने और समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर दिया है।

सोनिया साहू का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने और प्रशिक्षण मिलने से उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिला। वे इस पहल से बेहद खुश हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।

सोनिया साहू की यह कहानी सेवा संकल्प के उद्देश्य को साकार करती हुई महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल है। यह बताती है कि उचित प्रशिक्षण, समूह का सहयोग और स्वरोजगार के अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ गांवों में वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा दे सकती हैं।

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