पश्चिम बंगाल, 2 मई 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले फलता सीट पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर धमकाने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वोटिंग के दौरान और उसके बाद उन्हें डराया-धमकाया गया, यहां तक कि कई लोगों को वोट डालने से भी रोका गया।
वोट न डालने देने का आरोप
एक स्थानीय युवक ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र से पहले ही कुछ लोग बैठकर मतदाताओं को रोक रहे थे और कह रहे थे कि उनका वोट हो चुका है। इसके कारण कई लोग वोट नहीं डाल सके।
महिलाओं और बच्चों पर हमले का दावा
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्होंने विपक्ष के पक्ष में वोट दिया। महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट के भी आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
भारी सुरक्षा बल तैनात
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने इलाके में केंद्रीय बलों की तैनाती की है। सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
4 मई को होगी मतगणना
गौरतलब है कि राज्य में दो चरणों में मतदान पूरा हो चुका है और अब 4 मई 2026 को मतगणना होनी है। ऐसे में चुनाव से पहले बढ़ता तनाव प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।


