कांकेर,26 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ में आधार कार्ड में दर्ज नाम और जन्मतिथि की गलतियों को निःशुल्क सुधारने की मांग उठी है। सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ (युवा प्रभाग) ने इस संबंध में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित राज्यपाल, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने आधार कार्ड में त्रुटियों को ठीक करने की प्रक्रिया सरल बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क सुधार शिविर आयोजित करने की मांग की है।
आधार कार्ड की गलतियों से आम लोगों को परेशानी
सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ (युवा प्रभाग) के प्रदेश उपाध्यक्ष ललित नरेटी ने कहा कि आधार कार्ड आज सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी सुविधाओं और शैक्षणिक प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण गलत दर्ज होने से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आधार पंजीयन या अपडेट के दौरान होने वाली गलतियों को सुधारने के लिए आम नागरिकों को बार-बार दूर स्थित आधार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। संगठन ने मांग की है कि ऐसी त्रुटियों के सुधार की जिम्मेदारी और प्रक्रिया को आम जनता के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जाए।
छात्रवृत्ति और पढ़ाई पर पड़ रहा असर
ज्ञापन में बताया गया कि आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि की गलती होने से स्कूली विद्यार्थियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। शैक्षणिक दस्तावेजों और आधार की जानकारी में अंतर होने के कारण छात्रवृत्ति मिलने में बाधा आती है। इसके अलावा विद्यार्थियों की अपार आईडी (APAAR ID) बनाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
संगठन का कहना है कि दस्तावेजों में मामूली त्रुटियों के कारण विद्यार्थियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में दिक्कतें पैदा होती हैं।
गांव और पंचायत स्तर पर शिविर लगाने की मांग
सर्व आदिवासी समाज ने विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। ग्रामीणों को आधार कार्ड में सुधार कराने के लिए जिला मुख्यालय या दूरस्थ केंद्रों तक जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बार-बार यात्रा करना और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का खर्च उठाना कठिन हो जाता है।
इसी को देखते हुए संगठन ने शासन से विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष निःशुल्क आधार सुधार शिविर आयोजित करने की मांग की है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही आधार संबंधी त्रुटियां सुधारने की सुविधा मिल सकेगी।
दस्तावेजों की जानकारी सरल भाषा में देने की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि आधार कार्ड में सुधार के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची स्थानीय और सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए। इससे ग्रामीणों को सही जानकारी मिल सकेगी और वे अनावश्यक परेशानी तथा बिचौलियों पर निर्भरता से बच सकेंगे।
संगठन ने संबंधित अधिकारियों से इस विषय पर आवश्यक कदम उठाने की अपील की है, ताकि आम नागरिकों, विद्यार्थियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को आधार कार्ड की त्रुटियों के कारण सरकारी योजनाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित न होना पड़े।
फिलहाल, निःशुल्क सुधार की यह मांग ज्ञापन के माध्यम से उठाई गई है। इस संबंध में सरकार की ओर से किसी निर्णय या आदेश की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।



