डॉ. सत्यभामा आडिल के निधन से छत्तीसगढ़ के साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुख
छत्तीसगढ़ की प्रख्यात शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी डॉ. सत्यभामा आडिल के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में डॉ. आडिल के योगदान को याद करते हुए इसे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
करमा तिहार में CM साय की बड़ी घोषणाएं, कंवर समाज को 90 लाख और रायपुर में महोत्सव के लिए 10 लाख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में करमा परब महोत्सव में कंवर समाज के लिए 90 लाख रुपए और राजधानी में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, नशामुक्ति, सामाजिक एकजुटता और संस्कृति संरक्षण का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर में शुरू होगा फिजियोथेरेपी कॉलेज, 50 सीटों पर
जशपुर के कंडोरा में 50 सीटों वाला फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी है। 1.10 करोड़ रुपये के भवन में प्रारंभिक संचालन होगा, जबकि चराईडांड में 13.93 करोड़ रुपये से हाईटेक स्थायी कैंपस विकसित किया जाएगा।
जशपुर में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए 24 नए छात्रावास बनेंगे, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर 77.86 करोड़ स्वीकृत
जशपुर में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण को मंजूरी मिली है। इसके लिए 77.86 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
विशेष लेख : सरस्वती साइकिल योजना से बेटियों की शिक्षा की राह आसान, सेदम की छात्राओं को मिला समय और आत्मविश्वास
सरस्वती साइकिल योजना से सरगुजा के सेदम की कक्षा 9वीं की छात्राओं के लिए स्कूल पहुंचना आसान हुआ है। समय की बचत के साथ आत्मविश्वास और पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है।
सारंगढ़ में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आगाज, सिंथेटिक ट्रैक और डाइट कॉलेज की मिली बड़ी सौगात
सारंगढ़ में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड और डाइट कॉलेज की घोषणा की। प्रतियोगिता में पांचों संभागों के 330 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
रायपुर के तेलीबांधा तालाब में ‘अक्षरा’ बना युवाओं का नया ठिकाना, 3000 किताबों संग रात 11 बजे तक मुफ्त पढ़ाई
रायपुर के तेलीबांधा तालाब स्थित ‘अक्षरा’ रीडिंग जोन में 3000 से अधिक किताबें उपलब्ध हैं। सुबह 10 से रात 11 बजे तक मुफ्त पढ़ने की सुविधा मिल रही है और रोजाना करीब 150 पाठक पहुंच रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के छह विश्वविद्यालयों में एक साथ शुरू हुआ ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम, बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए तैयार होंगे प्रशिक्षित मानव संसाधन
छत्तीसगढ़ के छह विश्वविद्यालयों में बाल अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘रक्षक’ (RAKSHAK) पाठ्यक्रम की कक्षाएं एक साथ शुरू हुईं। पहल का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ इस क्षेत्र में प्रशिक्षित और संवेदनशील मानव संसाधन तैयार करना है।
विशेष लेख: बस्तर के जनजातीय बच्चे देश को दिखा रहे नई राह, जावंगा एजुकेशन सिटी से NEET, IIT-NIT और ग्लोबल कंपनियों तक पहुंची प्रतिभा
दंतेवाड़ा की जावंगा एजुकेशन सिटी ने जनजातीय बच्चों के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खोले हैं। यहां से बच्चे NEET-UG पास कर डॉक्टर बनने, IIT-NIT में दाखिला लेने और S&P Global जैसी वैश्विक कंपनियों में नौकरी पाने तक का सफर तय कर रहे हैं।



