बिहान से मिला आर्थिक संबल, खीरे की खेती से सुभद्रा मंडल ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
अम्बिकापुर विकासखंड की सुभद्रा मंडल ने काली माँ स्व-सहायता समूह से जुड़कर 1 लाख रुपये का ऋण लिया और एक एकड़ में खीरे की खेती शुरू की। खेती के जरिए वे आय बढ़ाने और ‘लखपति दीदी’ बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही हैं।
मेहनत और सरकारी सहयोग से बदली कमलेश की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’
मरवाही विकासखंड की कमलेश यादव ने महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर आरएफ-सीआईएफ और बैंक ऋण की मदद से चिकन स्टोर शुरू किया। सिलाई कार्य के साथ व्यवसाय से उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई और वे ‘लखपति दीदी’ बनकर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं।
बायोफैच इंडिया-2026 में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों का जलवा, विष्णुभोग चावल और प्राकृतिक शहद ने जीता देश-विदेश के खरीदारों का दिल
नई दिल्ली में आयोजित बायोफैच इंडिया-2026 में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के विष्णुभोग चावल और केवची के प्राकृतिक शहद को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल रही है।
उद्यमिता से बदली तकदीर: महिला स्व सहायता समूह बना ग्रामीण विकास की मिसाल
बिलासपुर के वैष्णो देवी शक्ति महिला स्वसहायता समूह ने बिहान योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की मदद से घरेलू उत्पाद निर्माण को सफल व्यवसाय में बदल दिया है। इससे महिलाओं की आय, आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान लगातार मजबूत हो रही है।
बलौदाबाजार में 40 महिलाओं को मिला धान और पैरा आर्ट का प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
बलौदाबाजार में स्व-सहायता समूह की 40 महिलाओं को धान और पैरा आर्ट का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य गैर-कृषि आजीविका, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आय को बढ़ावा देना है।
सुशासन तिहार में जय मां बम्लेश्वरी समूह को मिली बड़ी सौगात, 6 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान
सुशासन तिहार के तहत खैरागढ़ जिले के ग्राम गोपालपुर स्थित जय मां बम्लेश्वरी स्व-सहायता समूह को आजीविका संवर्धन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इससे समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।



