जगदलपुर/किरंदुल,26 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में कभी माओवादी हिंसा के खौफ के कारण वीरान रहने वाला मलांगीर जलप्रपात अब पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। बैलाडीला की हरी-भरी पहाड़ियों और प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित यह जलप्रपात सैलानियों को अपनी ओर खींच रहा है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और शांति का माहौल बनने के बाद अब छत्तीसगढ़ के साथ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से भी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। हालांकि, पक्की सड़क और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर्यटन के विकास में बड़ी चुनौती बनी हुई है।
माओवादी खौफ से बाहर निकला मलांगीर जलप्रपात
लौह अयस्क के विशाल भंडार के लिए प्रसिद्ध बैलाडीला की पहाड़ियां अब अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण भी पहचान बना रही हैं। किरंदुल-बचेली क्षेत्र में करीब साढ़े तीन दशक तक माओवादी हिंसा का प्रभाव रहा। इस दौरान सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कई प्राकृतिक स्थल पर्यटकों की पहुंच से दूर रहे।
अब परिस्थितियों में बदलाव के साथ मलांगीर जलप्रपात पर्यटन के नए ठिकाने के रूप में उभर रहा है। यहां की शांत वादियां, हरियाली और बहते पानी की सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। लोग परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने तथा प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
किरंदुल से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित है जलप्रपात
मलांगीर जलप्रपात किरंदुल शहर से लगभग 13 किलोमीटर दूर हिरोली ग्राम पंचायत के वनांचल में स्थित है। हरी-भरी पर्वतमालाओं और नदी-नालों के बीच गिरती जलधारा इस क्षेत्र को प्राकृतिक रूप से बेहद आकर्षक बनाती है।
क्षेत्र में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। यदि यहां बेहतर सुविधाएं विकसित की जाती हैं, तो यह स्थल बस्तर के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में अपनी जगह बना सकता है।
जर्जर कच्ची सड़क से पहुंचने में होती है परेशानी
प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की व्यापक संभावनाओं के बावजूद मलांगीर जलप्रपात तक पहुंचना आसान नहीं है। पर्यटकों को अभी भी उबड़-खाबड़ और जर्जर कच्चे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के दौरान यह मार्ग और अधिक कठिन हो जाता है, जिससे सैलानियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा जलप्रपात के आसपास सुरक्षा रेलिंग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी महसूस किया जा रहा है। इन सुविधाओं की कमी के कारण महिलाओं, बच्चों और परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को विशेष असुविधा होती है।
पक्की सड़क और पर्यटन सर्किट बनाने की मांग
मलांगीर जलप्रपात को पर्यटन के प्रमुख नक्शे पर स्थापित करने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने बुनियादी सुविधाओं के विकास की मांग उठाई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी का कहना है कि प्रशासन को यहां पर्यटन संबंधी विकास कार्य जल्द शुरू कराने चाहिए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
वहीं, जनपद अध्यक्ष सुकालू मुड़ामी ने क्षेत्र के दूरस्थ प्राकृतिक स्थलों को पक्की सड़कों से जोड़ने और एक व्यवस्थित पर्यटन सर्किट विकसित करने की आवश्यकता बताई है। इससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और बस्तर के दूसरे प्राकृतिक स्थलों तक पहुंच भी आसान हो सकेगी।
पर्यटन से स्थानीय युवाओं को मिल सकता है रोजगार
मलांगीर जलप्रपात में पर्यटन की बढ़ती संभावनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सड़क, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास होने पर स्थानीय युवाओं को गाइड, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन सेवाओं के माध्यम से रोजगार मिल सकता है।
मलांगीर जलप्रपात बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और बदलते हालात की नई पहचान बन सकता है। इसके लिए जरूरी है कि पर्यटन स्थल तक पहुंचने के मार्ग को बेहतर बनाया जाए और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं। इससे न केवल सैलानियों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए रास्ते भी खुल सकते हैं।



