रायपुर, 16 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ में सड़क और पुल अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 18 सड़क-पुल निर्माण एवं उन्नयन कार्यों के लिए कुल 243 करोड़ 81 लाख 11 हजार रुपये की निविदाओं को मंजूरी दी है। इनमें 12 पुल और 6 सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्य शामिल हैं। निविदाओं की स्वीकृति के बाद संबंधित निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर परियोजनाओं को शुरू करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। सड़कें और पुल केवल आवागमन के साधन नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि और सामाजिक बदलाव के महत्वपूर्ण आधार हैं। इन निर्माण कार्यों के पूरा होने से ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

244 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों से विकास को मिलेगी गति

लोक निर्माण विभाग की निविदा समिति की 12 अक्टूबर को आयोजित बैठक में इन 18 निर्माण कार्यों की निविदाओं को मंजूरी दी गई। बरसात के बाद शुरू हुए निर्माण सीजन में विभाग सड़क और पुल परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

इससे पहले पिछले महीने प्रदेश में सड़कों और पुलों के 24 कार्यों के लिए 672 करोड़ रुपये से अधिक की निविदाओं को मंजूरी दी गई थी। अब करीब 244 करोड़ रुपये के नए कार्यों को स्वीकृति मिलने से राज्य में सड़क अधोसंरचना के विस्तार को और गति मिलने की उम्मीद है।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को चयनित निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को शीघ्र कार्यादेश जारी कर काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

जांजगीर-चांपा और सूरजपुर में सड़कों का होगा चौड़ीकरण

स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में जांजगीर-चांपा जिले के देवरी-तनौद-भुईगांव-शुक्लाभाठा-ससहा मार्ग के 17.40 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण शामिल है। इसके लिए 31 करोड़ 7 लाख 83 हजार रुपये की निविदा स्वीकृत की गई है।

सूरजपुर जिले में रिंग रोड के 16.85 किलोमीटर हिस्से के सुदृढ़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 16 करोड़ 8 लाख 59 हजार रुपये की निविदा को मंजूरी दी गई है।

रायपुर जिले में समोदा-बनरसी-तुलसी मार्ग के 8.20 किलोमीटर हिस्से में पुल-पुलियों सहित चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 40 लाख 32 हजार रुपये की निविदा स्वीकृत हुई है।

इसी तरह बेमेतरा जिले में बहिंगा-तिवरैया-सिमगा पहुंच मार्ग के 9.20 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए 10 करोड़ 77 लाख 97 हजार रुपये और मदराली-कटई-बेलटुकरी मार्ग के 10.80 किलोमीटर हिस्से में पुल-पुलियों सहित सड़क निर्माण के लिए 11 करोड़ 38 हजार रुपये की निविदा मंजूर की गई है।

रायपुर के फुण्डहर चौक पर बनेगा ओवरपास

राजधानी रायपुर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। वीआईपी रोड के फुण्डहर चौक पर ओवरपास के निर्माण के लिए 29 करोड़ 80 लाख 12 हजार रुपये की निविदा स्वीकृत की गई है।

इसके अलावा रिंग रोड नंबर-1 (एनएच-30) पर रायपुरा चौक फ्लाईओवर के दोनों ओर 3.66 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड के चौड़ीकरण के लिए 14 करोड़ 96 लाख 96 हजार रुपये की निविदा मंजूर हुई है।

इन परियोजनाओं से राजधानी के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने और आवागमन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इन्द्रावती नदी पर 36.05 करोड़ रुपये से बनेगा उच्च स्तरीय पुल

बस्तर संभाग में ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई पुल निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है।

बीजापुर जिले में कुटरू से गुटमांगी मार्ग पर इन्द्रावती नदी में उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 36 करोड़ 5 लाख 75 हजार रुपये की निविदा मंजूर की गई है।

बस्तर जिले में चंदेला-धर्माबेड़ा से अमलीधारा मार्ग पर भंवरडीह नदी में पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 12 करोड़ 74 लाख 95 हजार रुपये तथा बारसूर-लोहंडीगुड़ा-जगदलपुर मार्ग पर मांढेर नाला में पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 10 करोड़ 98 लाख 39 हजार रुपये की निविदा स्वीकृत हुई है।

इसके अलावा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से छिन्दनार-कौरगांव मार्ग पर हान्दावाड़ा नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 5 करोड़ 73 लाख 1 हजार रुपये की निविदा को मंजूरी दी गई है।

इन पुलों के बनने से वनांचल के गांवों को बारहमासी संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने और नदी-नालों के कारण होने वाली आवागमन की परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।

राजनांदगांव, कोंडागांव और कांकेर में भी बनेंगे पुल

राजनांदगांव जिले में महाराजपुर-बरटोला मार्ग पर सूखा नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 79 लाख 60 हजार रुपये की निविदा स्वीकृत की गई है।

कोंडागांव जिले में माकड़ी-हीरापुर मार्ग पर कलीबेड़ा नाला में पुल निर्माण के लिए 7 करोड़ 35 लाख 45 हजार रुपये और परेदा-कोंगुड मार्ग पर परौदा नदी में पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 8 करोड़ 84 लाख 65 हजार रुपये की निविदा मंजूर हुई है।

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के खैरागढ़-अकरजन मार्ग पर मोती नाला में पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 6 करोड़ 77 लाख 12 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

कांकेर जिले में राजनांदगांव-बैलाडीला मार्ग पर निब्रा (मेढकी) नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 5 करोड़ 96 लाख 55 हजार रुपये और भानुप्रतापपुर-पखांजूर मार्ग पर पासंगी नाला में पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 5 करोड़ 50 लाख 30 हजार रुपये की निविदा मंजूर की गई है।

सरगुजा जिले में दाहीडांड-सोनवरसा मार्ग पर मछली नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 93 लाख 17 हजार रुपये की निविदा को स्वीकृति दी गई है।

गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगा विशेष जोर

लोक निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों का पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनुबंधित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा कराने और स्वीकृत राशि एवं अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य संपादित कराने पर जोर दिया गया है।

विभाग के अनुसार, स्वीकृत कार्यों को किसी अन्य एजेंसी को सबलेट नहीं किया जा सकेगा और कार्य संपादन के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी मान्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में भी मजबूत कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने और मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क और पुल नेटवर्क से रोजगार, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

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