रायपुर,27 जुलाई 2026

उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने के लिए नई सोच, दीर्घकालिक विजन और बेहतर रणनीति के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में नई खेल संस्कृति विकसित कर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जाएं।

रायपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार तथा संचालक तनुजा सलाम भी मौजूद रहीं। अरुण साव ने अधिकारियों को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में सक्रिय रूप से शामिल होकर कम उम्र की प्रतिभाओं की पहचान करने तथा उनके प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए अधिक से अधिक खिलाड़ियों और खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही हर जिले में सभी खेलों के संघ गठित करने और उनके पंजीयन की प्रक्रिया पूरी करने को कहा, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ खिलाड़ियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

उप मुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया सेंटर, राज्य की खेल अधोसंरचनाओं और उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण देने पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में पहचान कर उनकी ग्रूमिंग और व्यवस्थित प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने जिले के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और संभावनाशील खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने को कहा।

बैठक में निर्माणाधीन खेल परिसर, स्टेडियम और खेल मैदानों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अरुण साव ने अधिकारियों को खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और लोक निर्माण विभाग के साथ समन्वय बनाकर परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने तथा प्रत्येक माह प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने सभी जिला खेल अधिकारियों को विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों में प्रतिदिन एक खेल पीरियड सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद पंचायतों के माध्यम से गांवों में खेलों का माहौल विकसित करने और युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए जनप्रतिनिधियों को प्रेरित करने पर भी जोर दिया।

अरुण साव ने कोचों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों, नई तकनीकों, आधुनिक खेल उपकरणों और नियमों से लगातार अपडेट रहने की सलाह देते हुए कहा कि बदलते खेल परिदृश्य के अनुरूप खुद को तैयार करना खिलाड़ियों की सफलता के लिए बेहद आवश्यक है।

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