विष्णु प्रसाद वर्मा, गुलाब डडसेना
सहायक संचालक
रायपुर, 07 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ का नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ तकनीक के प्रभावी उपयोग और दूरदर्शी प्रशासनिक रणनीति के बल पर प्रदेश में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कृषि क्षेत्र को पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में संचालित राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल क्रॉप सर्वे के क्रियान्वयन में जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
प्रदेश स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार 87 प्रतिशत कार्य पूर्णता के साथ सारंगढ़-बिलाईगढ़ शीर्ष स्थान पर है। वहीं 86 प्रतिशत के साथ खैरागढ़ दूसरे और 81 प्रतिशत के साथ कोरिया तीसरे स्थान पर है।
प्रदेश में 88.45 प्रतिशत डिजिटल क्रॉप सर्वे
मैदानी स्तर पर मुस्तैदी और कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के बूते सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कुल 53 हजार 524 लक्षित प्लॉटों में से 47 हजार 350 प्लॉटों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। यह 88.45 प्रतिशत की वास्तविक प्रगति को दर्शाता है।
सिर्फ सर्वे ही नहीं, बल्कि डेटा सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है। अब तक 35 हजार 476 मामलों को अनुमोदित किया जा चुका है।
सभी छह तहसीलों में तेजी से चल रहा काम
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सभी छह तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इनमें 93.27 प्रतिशत प्रगति के साथ सारसींवा तहसील सबसे आगे है।
इसके बाद भटगांव तहसील ने 93.15 प्रतिशत की प्रगति हासिल की है। जिले के सबसे बड़े राजस्व क्षेत्र सारंगढ़ ने भी 88.60 प्रतिशत सर्वे पूर्ण करने के साथ-साथ 84.36 प्रतिशत अनुमोदन दर्ज कराया है।
इसी तरह सारिया, बिलाईगढ़ और बरमकेला तहसीलों में भी 84 से 86 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है।
डिजिटल ब्यौरा बनाएगा सटीक और पारदर्शी व्यवस्था
राजस्व और कृषि विभाग की पूरी टीम शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार काम कर रही है। मैदानी अमले के साथ सतत समन्वय और नियमित समीक्षा के माध्यम से बचे हुए प्लॉटों का सर्वे भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
फसलों का यह सटीक डिजिटल ब्यौरा न केवल कृषि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा, बल्कि आने वाले समय में किसानों को फसल बीमा दावों और शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए खेत और फसल से जुड़ी जानकारी का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से कृषि क्षेत्र में तकनीक का उपयोग और मजबूत होगा। सारंगढ़-बिलाईगढ़ की यह उपलब्धि बताती है कि तकनीक, प्रशासनिक दक्षता और मैदानी अमले के समन्वय से सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से जमीन तक पहुंचाया जा सकता है।



