नई दिल्ली, 18 जून 2026
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में तत्काल राहत मिलने की संभावना नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की।
मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद देश में ईंधन की कीमतों को तुरंत कम करना संभव नहीं है। उन्होंने इसके पीछे पश्चिम एशिया संकट और तेल कंपनियों को हुए आर्थिक नुकसान को प्रमुख कारण बताया।
उन्होंने बताया कि हालिया परिस्थितियों के चलते सरकारी तेल कंपनियों को करीब 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की अत्यधिक आवाजाही के कारण आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, मौजूदा हालात सामान्य होने और बाजार में स्थिरता लौटने के बाद ही ईंधन कीमतों में राहत पर विचार किया जा सकेगा। फिलहाल उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के दामों में तत्काल कटौती की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, भू-राजनीतिक तनाव और तेल कंपनियों की लागत का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। ऐसे में केवल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से तुरंत राहत मिलना संभव नहीं होता।


