रायपुर, 22 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित नंदनवन जू एवं जंगल सफारी से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां रह रही 25 वर्षीय मादा हिमालयन भालू ‘फफोरी’ की 19 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि में मौत हो गई। जंगल सफारी प्रबंधन के अनुसार, उसकी मृत्यु का कारण वृद्धावस्था बताया गया है।
वर्ष 2012 में गुवाहाटी से रायपुर लाई गई थी फफोरी
जंगल सफारी प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक, मादा हिमालयन भालू फफोरी को वर्ष 2012 में असम के गुवाहाटी स्थित चिड़ियाघर से वन्यप्राणी आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत रायपुर लाया गया था। उस समय उसकी उम्र 12 वर्ष थी। इसके बाद से वह नंदनवन जू एवं जंगल सफारी में रह रही थी। पिछले कई वर्षों से फफोरी सफारी परिसर में वन्यजीवों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों के संरक्षण में थी।
पोस्टमार्टम के बाद विधिवत किया गया अंतिम संस्कार
फफोरी की मृत्यु के बाद नंदनवन जू के हिमालयन भालू बाड़े में वन्यप्राणी चिकित्साधिकारी द्वारा नियमानुसार पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद सफारी प्रबंधन और वन्यजीवों की देखभाल से जुड़े कर्मचारियों की मौजूदगी में उसे श्रद्धांजलि अर्पित की गई और विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान नंदनवन जू एवं जंगल सफारी के संचालक सह-वनमंडलाधिकारी श्री पंकज राजपूत, सहायक संचालक सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पशुपालक और सुरक्षा कर्मचारी उपस्थित रहे।
फफोरी के निधन से प्रबंधन और कर्मचारियों में शोक
फफोरी के निधन पर जंगल सफारी प्रबंधन और उसकी देखरेख करने वाले कर्मचारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया। लंबे समय से सफारी में रह रही फफोरी की मौत से वन्यजीवों की देखभाल में जुटे कर्मचारियों में शोक का माहौल है।
नंदनवन जू एवं जंगल सफारी प्रबंधन ने बताया कि परिसर में रह रहे वन्यजीवों की नियमित देखभाल, स्वास्थ्य निगरानी और संरक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाती हैं। वन्यजीवों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा को लेकर प्रबंधन लगातार प्रयासरत रहता है।
फफोरी का निधन नंदनवन जू एवं जंगल सफारी के लिए एक दुखद क्षति है।



