माओवादी खौफ से मुक्त हुआ किरंदुल का मलांगीर जलप्रपात, छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों से पहुंच रहे पर्यटक, पक्की सड़क की मांग
छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित मलांगीर जलप्रपात में माओवादी हिंसा का प्रभाव कम होने के बाद पर्यटकों की आवाजाही बढ़ रही है। किरंदुल से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित इस प्राकृतिक स्थल पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से भी सैलानी पहुंच रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने पक्की सड़क, बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन
बस्तर दशहरा में निभाई गई भीतर रैनी की रस्म, 600 साल पुरानी परंपरा में आधी रात को चुराया गया विशालकाय विजय रथ
बस्तर दशहरा की करीब 600 साल पुरानी भीतर रैनी की रस्म बुधवार देर रात निभाई गई। माड़िया समुदाय के लोग आठ चक्कों वाले विशालकाय विजय रथ को कुम्हड़ाकोट के जंगल ले गए। गुरुवार को नवा खानी की रस्म के बाद रथ वापस मां दंतेश्वरी मंदिर लाया जाएगा।
विजयादशमी पर बस्तर पुलिस ने की शस्त्र पूजा, नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में इस्तेमाल हथियारों और वाहनों का विधि-विधान से पूजन
विजयादशमी पर जगदलपुर पुलिस लाइन में बस्तर पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियानों में इस्तेमाल अत्याधुनिक हथियारों और पुलिस वाहनों की पूजा की। एसपी सलभ सिन्हा ने पर्व को बस्तर के लिए खास बताते हुए शांति और सुरक्षा के संकल्प को दोहराया।
जगदलपुर में बस्तर दशहरा की निशा जात्रा संपन्न, देवी-देवताओं की पूजा के बाद अब मावली परघाव की तैयारी शुरू
जगदलपुर में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की निशा जात्रा 19 अक्टूबर की आधी रात को संपन्न हुई। अनुपमा चौक स्थित निशा जात्रा गुड़ी में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। 12 गांवों के राउत ग्रामीण 24 मिट्टी के मटकों में पारंपरिक भोग-प्रसाद लेकर पहुंचे। अब अगली प्रमुख रस्म मावली परघाव की
बस्तर दशहरा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कार्यकाल में 618 साल पुरानी परंपरा के तहत दंतेवाड़ा से जगदलपुर रवाना हुईं मां दंतेश्वरी की डोली
बस्तर दशहरा की 618 साल पुरानी परंपरा के तहत मां दंतेश्वरी की पावन डोली रविवार को दंतेवाड़ा से जगदलपुर के लिए रवाना हुई। डंकिनी पुल पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। वहीं, फूल रथ का पहिया और मुख्य लकड़ी टूटने से परिक्रमा प्रभावित हुई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं
बस्तर दशहरा की अनूठी परंपरा, मगरमुही रस्म पूरी होने के साथ आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ का निर्माण तेज
बस्तर दशहरा में मगरमुही रस्म विधि-विधान से संपन्न हुई। मांगुर मछली और बकरे की बलि के साथ आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ के निर्माण ने रफ्तार पकड़ी। पारंपरिक औजारों से रथ तैयार कर रहे स्थानीय कारीगर बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखे हुए हैं।
झीरम घाटी हमले में 13 साल बाद बड़ा फैसला: NIA कोर्ट ने सभी 10 आरोपितों को दोषी ठहराया, 2013 में गई थी 32 लोगों की जान
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के करीब 13 साल पुराने मामले में NIA की विशेष अदालत ने बचे सभी 10 आरोपितों को दोषी करार दिया है। 25 मई 2013 को हुए इस हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत 32 लोगों की मौत हुई थी।



