रायपुर, 18 अक्टूबर 2026

भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) को बेचने की योजना संबंधी सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया प्रकाशनों में प्रसारित हो रही खबरों को संयंत्र प्रबंधन ने असत्य एवं भ्रामक बताया है। इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इन दावों का खंडन किया है। वहीं, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने भी इन खबरों को झूठा और निराधार बताया है।

भिलाई इस्पात संयंत्र ने अपने कर्मचारियों, हितधारकों और छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे प्रसारित करें। संयंत्र ने कहा है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक एवं प्रमाणित स्रोतों से अवश्य करनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ की पहचान और औद्योगिक विरासत का अभिन्न अंग है बीएसपी

भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की पहचान, गौरव और औद्योगिक विरासत का अभिन्न अंग है। अपनी स्थापना के बाद से ही संयंत्र ने राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने रोजगार के अवसर सृजित किए हैं, सहायक उद्योगों को प्रोत्साहन दिया है तथा हजारों परिवारों की आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

संयंत्र की गौरवशाली विरासत और उल्लेखनीय योगदान ने इसे छत्तीसगढ़ की जनता के गौरव का प्रतीक बनाया है। राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

देश के इस्पात क्षेत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की एक प्रमुख इकाई के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र देश के इस्पात क्षेत्र की प्रगति तथा भारत की औद्योगिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने में निरंतर योगदान दे रहा है।

संयंत्र प्रबंधन ने जनता से सतर्कता बरतने, आधिकारिक माध्यमों से सूचनाओं की पुष्टि करने और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचने का आग्रह किया है।

अफवाहों से बचने की अपील

बीएसपी ने स्पष्ट किया है कि भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने संबंधी खबरों को लेकर फैलाए जा रहे दावों पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करना चाहिए। ऐसी भ्रामक सूचनाओं से कर्मचारियों, उनके परिवारों और छत्तीसगढ़ की जनता के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

संयंत्र ने सभी से अपील की है कि किसी भी खबर की सत्यता जांचने के लिए आधिकारिक और प्रमाणित स्रोतों पर ही भरोसा करें। जिम्मेदारी से सूचनाएं साझा करना और अपुष्ट खबरों को आगे प्रसारित नहीं करना आवश्यक है, ताकि अनावश्यक भ्रम और अफवाहों को रोका जा सके।

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