रायपुर,20 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में 200 बिस्तर वाले सर्वसुविधायुक्त ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात कर इस संबंध में चर्चा की।
मुलाकात के दौरान बलौदाबाजार के औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हजारों श्रमिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। केंद्रीय मंत्री ने इस जनहित से जुड़े प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।
औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों को मिलेगा लाभ
बलौदाबाजार जिले में सीमेंट, पावर और स्टील प्लांटों के साथ कई लघु एवं मध्यम उद्योग संचालित हैं, जहां हजारों श्रमिक कार्यरत हैं। वर्तमान में गंभीर बीमारी या औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति में कई श्रमिकों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे बड़े जिलों की ओर जाना पड़ता है।
आपातकालीन परिस्थितियों में इलाज के लिए लंबी दूरी तय करना श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में 200 बिस्तर वाले आधुनिक ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना से क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा विस्तार होने की उम्मीद है।
बलौदाबाजार में 17 हजार से अधिक पंजीकृत कर्मचारी
बलौदाबाजार जिले में वर्तमान में 17,942 पंजीकृत कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि सामाजिक सुरक्षा के तहत 18,308 बीमित व्यक्तियों को सीधा लाभ मिल रहा है। बीमित व्यक्तियों की संख्या यह दर्शाती है कि ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का लाभ श्रमिकों के साथ उनके परिवारों तक भी पहुंच रहा है।
प्रदेश में मजबूत है ईएसआईसी का सामाजिक सुरक्षा ढांचा
31 मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 15,66,430 कर्मचारी ईएसआईसी में पंजीकृत हैं। इनमें 6,27,260 बीमित पुरुष और 79,237 बीमित महिलाएं शामिल हैं।
राज्य में ईएसआईसी के तहत कुल 37,283 नियोजक पंजीकृत हैं, जिनमें से 13,426 नियोजक सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम की व्यवस्था श्रमिकों को इलाज के साथ-साथ बीमारी, मातृत्व और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करती है।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की पहल पर बलौदाबाजार में 200 बिस्तर वाले ईएसआईसी अस्पताल का प्रस्ताव आगे बढ़ने से औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है। इससे संगठित श्रमिक वर्ग में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत होगी।



