रायपुर , 4 जून2026
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी व्यापक रणनीति को फिर से दोहराया है। सरकार का कहना है कि हरित विकास (Green Development) और जल संरक्षण (Water Conservation) ही आने वाले समय में संतुलित विकास की सबसे बड़ी जरूरत हैं।
राज्य में पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी योजना तक सीमित न रखते हुए इसे जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है।
हरियाली से आर्थिक मजबूती तक
छत्तीसगढ़ में “हरियाली प्रसार योजना” और “किसान वृक्ष मित्र योजना” के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ पर्यावरण सुधार नहीं, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी उपलब्ध कराना है।
सरकार के अनुसार, वृक्षारोपण से भूमि की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
इसके साथ ही “एक पेड़ मां के नाम” अभियान ने लोगों को भावनात्मक रूप से पर्यावरण से जोड़ दिया है, जिसमें नागरिक अपनी मां के सम्मान में पौधारोपण कर रहे हैं।
शहरों में हरियाली और स्वच्छ हवा का प्रयास
तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए राज्य में “ऑक्सीवन योजना” और पर्यावरण वानिकी योजना चलाई जा रही है। इन योजनाओं के तहत शहरों में ऑक्सीजन पार्क, ग्रीन बेल्ट और वृक्षारोपण क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण को कम करना और शहरी जीवन को अधिक स्वस्थ बनाना है।
जल संरक्षण पर सबसे बड़ा फोकस
जल संकट और भूजल स्तर में गिरावट को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने कई जल संरक्षण अभियान शुरू किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से “मोर गांव मोर पानी” और “मोर गांव मोर तरिया” शामिल हैं।
इन अभियानों के तहत:
- पुराने तालाबों का पुनर्जीवन
- वर्षा जल संचयन
- चेक डैम निर्माण
- जल पुनर्भरण संरचनाओं का विकास
जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि जल संरक्षण अब गांव-गांव का आंदोलन बन चुका है।
नदियों और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
राज्य में नदी तट वृक्षारोपण योजना के तहत नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जा रहे हैं, जिससे मिट्टी कटाव और प्रदूषण को रोकने में मदद मिल रही है।
इसके अलावा आर्द्रभूमि (Wetlands) संरक्षण परियोजना के तहत प्राकृतिक जल तंत्र को मजबूत करने का काम किया जा रहा है, ताकि जैव विविधता सुरक्षित रहे।
युवाओं की भूमिका और जनभागीदारी
स्कूल और कॉलेजों में ईको-क्लब और नेशनल ग्रीन कॉर्प्स (NGC) के जरिए छात्रों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा रहा है। वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जल संरक्षण गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
