बस्तर दशहरा में निभाई गई भीतर रैनी की रस्म, 600 साल पुरानी परंपरा में आधी रात को चुराया गया विशालकाय विजय रथ
बस्तर दशहरा की करीब 600 साल पुरानी भीतर रैनी की रस्म बुधवार देर रात निभाई गई। माड़िया समुदाय के लोग आठ चक्कों वाले विशालकाय विजय रथ को कुम्हड़ाकोट के जंगल ले गए। गुरुवार को नवा खानी की रस्म के बाद रथ वापस मां दंतेश्वरी मंदिर लाया जाएगा।
जगदलपुर में बस्तर दशहरा की निशा जात्रा संपन्न, देवी-देवताओं की पूजा के बाद अब मावली परघाव की तैयारी शुरू
जगदलपुर में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की निशा जात्रा 19 अक्टूबर की आधी रात को संपन्न हुई। अनुपमा चौक स्थित निशा जात्रा गुड़ी में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। 12 गांवों के राउत ग्रामीण 24 मिट्टी के मटकों में पारंपरिक भोग-प्रसाद लेकर पहुंचे। अब अगली प्रमुख रस्म मावली परघाव की



