दही हांडी उत्सव में CM साय बोले—एकता और टीम भावना से हासिल होते हैं बड़े लक्ष्य, श्रीकृष्ण का जीवन कर्तव्य निभाने की देता है प्रेरणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में शामिल होकर गोविंदाओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि दही हांडी एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हर परिस्थिति में कर्तव्य और दायित्व निभाने की प्रेरणा देता
धनपुर की पुरातात्विक धरोहरों को मिलेगा संरक्षण और संवर्धन का नया आधार
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर विशेषज्ञों की चार सदस्यीय टीम ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के धनपुर, बेनीबाई, भस्मासुर टापू और शहरखेरवा स्थित प्राचीन पुरातात्विक धरोहरों का व्यापक सर्वेक्षण किया। इस पहल से संरक्षण, संवर्धन और विरासत पर्यटन विकास की नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति के पाठ पढ़ेंगे कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी, 100 विषयों पर तैयार होगी विशेष सामग्री
छत्तीसगढ़ के कक्षा **6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को स्थानीय कला, संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन से जोड़ने के लिए विशेष पाठ्य सामग्री तैयार की जा रही है। SCERT की तीन दिवसीय कार्यशाला में 100 कलाविद, लेखक और विषय-विशेषज्ञ करीब 100 विषयों पर सामग्री तैयार कर रहे हैं, साथ ही
दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा, तीजन बाई की स्मृति में हुई विशेष प्रस्तुति
दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी लोक परंपरा की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्म विभूषण तीजन बाई की स्मृति को समर्पित इस विशेष प्रस्तुति के साथ IHC लोक संगीत सम्मेलन 2026 का शुभारंभ हुआ।
मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026: लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित, चयनित कलाकारों को मिलेंगे 24 हजार रुपये तक
संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के तहत प्रदेश के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष 12 हजार से 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
बिना गारा-चूने के बना चमत्कारी घाघरा मंदिर, प्राचीन भारतीय वास्तुकला का अद्भुत और रहस्यमयी नमूना
छत्तीसगढ़ के जनकपुर क्षेत्र के समीप स्थित घाघरा मंदिर बिना गारा-चूने के निर्मित एक अद्भुत प्राचीन धरोहर है। पत्थरों के संतुलन से बनी यह रहस्यमयी संरचना भारतीय स्थापत्य कला और इंजीनियरिंग कौशल का अनूठा उदाहरण मानी जाती है।

