रायपुर, 6 सितंबर 2026

राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उत्सव में उमड़े जनसमूह के बीच मुख्यमंत्री ने गोविंदाओं की टोलियों का उत्साहवर्धन किया और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दही हांडी का उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्मृतियों को जीवंत करने के साथ हमें एकता, सहयोग और टीम भावना का संदेश देता है। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा की बाल लीलाएं आज भी लोगों के मन में आनंद, प्रेम और भक्ति का भाव जगाती हैं।

उन्होंने कहा कि दही हांडी केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिक शक्ति का सुंदर प्रतीक है। हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले उस ऊंचाई तक नहीं पहुंचता, बल्कि नीचे खड़े हर साथी का विश्वास, सहयोग और सामर्थ्य उसे लक्ष्य तक पहुंचाता है। जब सभी एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।

श्रीकृष्ण का जीवन कर्तव्य और कर्मयोग की प्रेरणा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन कर्तव्य के प्रति समर्पण और जीवन जीने की कला की सीख देता है। ग्वालबालों के प्रिय सखा के रूप में उन्होंने प्रेम और मित्रता, द्वारका के नेतृत्वकर्ता के रूप में कुशल नेतृत्व और कुरुक्षेत्र में सारथी बनकर पूरी मानवता को कर्मयोग का मार्ग दिखाया।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन की प्रत्येक भूमिका को पूरी जिम्मेदारी से निभाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहना चाहिए।

छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि है। भगवान श्रीराम ने वनवास का लंबा समय छत्तीसगढ़ की धरती पर बिताया। अबूझमाड़ क्षेत्र रामायण काल के विशाल दंडकारण्य का हिस्सा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के जरिए अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से राज्य के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। योजना के तहत अब तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देवी-देवताओं की कृपा से समृद्ध पुण्यभूमि है। भोरमदेव, राजिम के कुलेश्वर महादेव और जशपुर का मधेश्वर पहाड़ प्रदेश की धार्मिक और प्राकृतिक पहचान को विशेष गौरव प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में मां बम्लेश्वरी, मां महामाया, मां दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख शक्तिपीठ और आस्था केंद्र मौजूद हैं। सरकार इन धार्मिक-सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।

लखबीर सिंह लक्खा और बी प्राक ने बांधा समां

विशाल दही हांडी उत्सव में भक्ति, उल्लास और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गोविंदाओं की टोलियों ने पूरे जोश के साथ दही हांडी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और लोकप्रिय गायक बी प्राक ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। भक्तिमय गीतों और भजनों के बीच पूरा आयोजन स्थल श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा और ईश्वर साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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