रायपुर, 11 सितंबर 2026
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच बनी असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी के मुताबिक भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय ने 12 अगस्त 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
विद्युत मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को भारतीय मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जानी है। ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाना आवश्यक है।
सटीक और पारदर्शी होगी बिजली बिलिंग
स्मार्ट मीटर लगाए जाने से उपभोक्ताओं को बिजली की खपत के आधार पर अधिक सटीक और पारदर्शी बिल मिल सकेगा। इसके साथ ही उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर भी नजर रख सकेंगे।
भविष्य में स्मार्ट मीटर के माध्यम से समय आधारित बिजली दर (ToD) का लाभ भी लिया जा सकता है। उपभोक्ता अधिक दर वाले समय के बजाय कम दर वाले समय में बिजली का उपयोग बढ़ाकर अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं।
बिजली वितरण कंपनी को भी मिलेगा फायदा
स्मार्ट मीटर से बिजली वितरण कंपनी को बिजली खपत का सही लेखा-जोखा रखने और अपनी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। विद्युत मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी रखने और इसमें तेजी लाने को कहा है।
इसी निर्देश के तहत देश के विभिन्न राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड सहित अन्य राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
CSPDCL ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सही जानकारी के लिए अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें।
बॉक्स: बैकुंठपुर प्रकरण में स्मार्ट मीटर की रीडिंग सही मिली
बैकुंठपुर में स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग में अंतर की जानकारी सामने आने के बाद CSPDCL ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता से जांच कराई।
जांच में सामने आया कि 7 अगस्त 2026 को चेक मीटर की वास्तविक रीडिंग 2777 यूनिट थी, जबकि पूर्व में 2589 यूनिट दर्ज की गई थी। जांच के अनुसार मैनुअल रीडिंग के दौरान क्लेरिकल/डाटा एंट्री की त्रुटि हुई थी।
27 जुलाई को चेक मीटर लगाए जाने के समय स्मार्ट मीटर की रीडिंग 5374 यूनिट और चेक मीटर की रीडिंग 2474 यूनिट थी। वहीं 7 अगस्त को दोनों की रीडिंग क्रमशः 5676 यूनिट और 2777 यूनिट दर्ज हुई।
इस अवधि में स्मार्ट मीटर की खपत 302 यूनिट, जबकि चेक मीटर की खपत 303 यूनिट रही। दोनों मीटरों की खपत में केवल 1 यूनिट का अंतर पाया गया। रीडिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग से भी स्थिति स्पष्ट हुई।
CSPDCL के अनुसार, चेक मीटर की रीडिंग मैनुअल रूप से ली और दर्ज की जाती है, इसलिए मानवीय त्रुटि की संभावना रहती है। वहीं स्मार्ट मीटर में रीडिंग स्वचालित रूप से दर्ज होती है, जिससे मैनुअल प्रविष्टि संबंधी त्रुटि की संभावना नहीं रहती।
जांच में स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली में किसी प्रकार की विसंगति नहीं पाई गई।




