रायपुर,10 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे जनकल्याण और जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की प्रत्येक गतिविधि के केंद्र में आम नागरिक और उसकी जरूरतें होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी गतिविधियों का अधिकतम लाभ लोगों तक पहुंचाया जाए। पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों के करीब ले जाने और जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

कलेक्टरों को नियमित समीक्षा और बेहतर समन्वय के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को अभियान की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों को सुनियोजित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों की जानकारी पहले से ही आम नागरिकों तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग अभियान से जुड़ सकें।

‘सेवा सेतु’ शिविरों में मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री साय ने ‘सेवा सेतु’ अभियान को जनकल्याण की दृष्टि से प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। चयनित गांवों में स्वास्थ्य शिविरों के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उनकी समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया जाएगा।

शिविर स्थलों पर आवेदन प्राप्त करने के लिए काउंटर स्थापित किए जाएंगे। प्राप्त आवेदनों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, उनकी साप्ताहिक समीक्षा कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिविर आयोजित होने से पहले ही संबंधित क्षेत्रों के संभावित पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाए, ताकि शिविर के दौरान उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जा सके।

रोजगार मेलों से युवाओं को मिलेंगे अवसर

मुख्यमंत्री ने कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले रोजगार मेलों को सेवा संकल्प अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाए।

युवाओं से आवेदन प्राप्त कर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से पूरी की जाएगी। चयनित युवाओं को शिविरों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

आंगनबाड़ियों में पोषण और सामुदायिक सहभागिता पर जोर

‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, ‘मेरी पौष्टिक थाली’, चित्रकला प्रतियोगिता, न्योता भोज तथा फल एवं मिठाई वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री साय ने पोषण चौपालों में अधिक से अधिक माता-पिता की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महतारी वंदन योजना का लाभ लेकर जीवन में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।

अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए खिलौने उपलब्ध कराने में सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में भी नागरिकों को आंगनबाड़ियों में बच्चों के उपयोग के लिए खिलौने भेंट करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं

अभियान के दौरान प्रदेश के शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों, शाला प्रबंधन समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने शाला प्रबंधन समितियों को सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए। 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को नुक्कड़ नाटक जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। वहीं, विशेष उपलब्धि प्राप्त दिव्यांग बच्चों को अपनी प्रतिभा और हुनर प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराया जाएगा।

रक्तदान, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण सहित 25 से अधिक गतिविधियां

सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तदान, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, स्वच्छता सहित जनसरोकार से जुड़ी 25 से अधिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

नदी घाटों की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रमों के बाद भी स्वच्छता व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए स्थानीय स्तर पर समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वच्छता ही सेवा’ के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली स्वच्छता गतिविधियों को भी सेवा संकल्प अभियान से जोड़ा जाएगा।

‘एक पेड़ मां के नाम’ से जुड़ेगा वृक्षारोपण अभियान

मुख्यमंत्री साय ने अभियान के दौरान होने वाले वृक्षारोपण को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। जल संरचनाओं, सार्वजनिक स्थलों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर व्यापक वृक्षारोपण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 अक्टूबर को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का समापन कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। इस वर्ष प्रदेश में 2.5 करोड़ पौधे लगाने के निर्धारित लक्ष्य को भी पूरा किया जाएगा।

जनभागीदारी से विकास के प्रतीक स्थलों को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान की वास्तविक सार्थकता तभी होगी, जब इसकी गतिविधियों का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे। स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंदों को उपचार मिले, पात्र परिवार योजनाओं से जुड़ें, युवाओं को रोजगार मिले, बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में समाज की सक्रिय भागीदारी बढ़े।

उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान को पूरी संवेदनशीलता और सुनियोजित कार्ययोजना के साथ संचालित किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों का अधिकतम लाभ प्रदेशवासियों तक पहुंचे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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