रायपुर,5 अक्टूबर 2026
रायपुर में रंग संगीत – चैप्टर 6 का सफल आयोजन हुआ। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के विशेष सहयोग से प्रतिष्ठित सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्था श्री साईंनाथ फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य, संगीत और लोककला के विविध रंग देखने को मिले। शाम 5 बजे से देर रात 12 बजे तक चली इस सांस्कृतिक महफिल में प्रदेशभर से आए कलाकारों और साहित्यकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, राज्य केश शिल्पी बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा वरिष्ठ साहित्यकार मीर अली मीर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
‘हुनर के मंच’ सत्र में प्रदेश के विभिन्न स्थानों से पहुंचे युवा कलाकारों ने कविता, संगीत और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कलाकारों की रचनात्मक प्रस्तुतियों को दर्शकों की खूब सराहना मिली।
इसके बाद ‘गीत त्रिवेणी’ सत्र में हिंदी, उर्दू और छत्तीसगढ़ी गीतों का सुंदर संगम देखने को मिला। गोपालगंज, बिहार की कवयित्री सान्या राय ने अपने गीतों से श्रोताओं का मन मोह लिया। वहीं सीतामढ़ी के शायर मुरारी मंडल ने अपनी गजलों से महफिल में समां बांधा। छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गीतकार मिनेश कुमार ने लोकगीतों की प्रस्तुति देकर प्रदेश की मीठी बोली और लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में जांजगीर के युवा लोक गायक निलेश जोगी और उनकी टीम ने शानदार लोकसंगीत प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक लोकधुनों और संगीत से सजी उनकी प्रस्तुति ने ऐसा माहौल बनाया कि श्रोता झूमने पर मजबूर हो गए।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में कलाकारों और साहित्यकारों का सम्मान किया गया। अतिथियों और संस्था के संस्थापक आशीष राज सिंघानिया ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने कलाकारों और साहित्यकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अलग धुन, अलग तरन्नुम और प्रस्तुति के विशिष्ट अंदाज के जरिए कलाकार भीड़ से अलग अपनी पहचान बना सकते हैं और कई सितारों के बीच ध्रुव तारे की तरह चमक सकते हैं।
अन्य अतिथियों ने भी आयोजन की सराहना करते हुए साहित्य, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले ऐसे मंचों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कलाकारों को निरंतर सृजन और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर श्री साईंनाथ फाउंडेशन की सदस्या आंचल पाण्डेय ने सभी अतिथियों, कलाकारों, साहित्यकारों, सहयोगियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का विभिन्न सत्रों में संचालन हर्षराज हर्ष, भावेश देशमुख और अभिषेक पाण्डेय ने किया।
रंग संगीत – चैप्टर 6 साहित्य, संगीत, कला और लोक संस्कृति को एक साझा मंच पर लाने वाली यादगार सांस्कृतिक संध्या के रूप में सामने आया।



