रायपुर, 4 सितम्बर 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को गति देने की दिशा में रायगढ़ में कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसी क्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने शुक्रवार को शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं का मैराथन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इन प्रमुख परियोजनाओं का किया निरीक्षण

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दूध डेयरी ऑक्सीजोन से निरीक्षण की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने गोवर्धनपुर में केलो नदी पर निर्माणाधीन पुल, खर्राघाट स्थित केलो रिवर फ्रंट, नालंदा परिसर, एसईसीएल रोड मरीन ड्राइव, कयाघाट पुल, मिनी स्टेडियम स्थित स्केटिंग रिंग, कौहाकुंडा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, स्टेडियम और एफसीआई ऑक्सीजोन सहित विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया।

रायगढ़ के सुनियोजित विकास पर फोकस

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, इंजीनियरों और निर्माण एजेंसियों के समन्वय से लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि शहर की अधोसंरचना को मजबूत कर नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की गहन निगरानी की जा रही है, ताकि विकास कार्य तेजी के साथ और उच्च गुणवत्ता में पूरे किए जा सकें।

रिंग रोड से यातायात व्यवस्था होगी बेहतर

वित्त मंत्री ने रिंग रोड परियोजना को रायगढ़ के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

घरघोड़ा रोड से झारसुगुड़ा रोड को जोड़ने के लिए प्रथम चरण में कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना पर 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में रायगढ़ से घरघोड़ा तक सड़क को फोरलेन करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

औद्योगिक शहर के अनुरूप विकसित होगी अधोसंरचना

वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक शहरों में शामिल है। औद्योगिक गतिविधियों के अनुरूप शहर में जिस स्तर की अधोसंरचना की जरूरत थी, वह लंबे समय तक अपेक्षित गति से विकसित नहीं हो सकी। इसके कारण यातायात का दबाव, भारी वाहनों की आवाजाही, दुर्घटनाएं, धूल और प्रदूषण जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।

अब इन चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए सुनियोजित तरीके से बड़े अधोसंरचनात्मक कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

ग्रीन एरिया और आधुनिक सुविधाओं पर भी जोर

रायगढ़ में केवल सड़क और पुलों के निर्माण पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बल्कि हरित क्षेत्र, खेल सुविधाएं, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं और नागरिक अधोसंरचना विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

केलो रिवर फ्रंट, मरीन ड्राइव, ऑक्सीजोन, नालंदा परिसर और खेल सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शहर के स्वरूप को नया आयाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

1-2 वर्षों में जमीन पर दिखेगा बदलाव

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि आने वाले एक-दो वर्षों में रायगढ़ के विकास की तस्वीर जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने और आपसी समन्वय से आने वाली बाधाओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।

ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विभागीय अधिकारी, इंजीनियर तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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