स्पोर्ट्स डेस्क,31 अगस्त 2026

सेंट लुइस। भारतीय शतरंज के युवा सितारे आर. प्रज्ञानंदा ने गुरुवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना को हराकर अपना पहला ग्रैंड चेस टूर फाइनल खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ प्रज्ञानंदा ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

खिताबी जीत के साथ प्रज्ञानंदा ने 2 लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि भी हासिल की। खास बात यह रही कि फाइनल के निर्णायक दिन की शुरुआत में वह कारुआना से 6 अंक पीछे थे, लेकिन भारतीय ग्रैंडमास्टर ने जबरदस्त वापसी करते हुए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

दोनों रैपिड गेम जीतकर बनाई बढ़त

प्रज्ञानंदा ने दिन की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और दोनों रैपिड गेम जीतकर कारुआना के खिलाफ बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद ब्लिट्ज चरण में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला हुआ, जहां प्रज्ञानंदा ने अपनी बढ़त को बरकरार रखा।

अंततः प्रज्ञानंदा ने 15-13 के कुल स्कोर से कारुआना को हराकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली।

पहले ब्लिट्ज गेम में भी प्रज्ञानंदा के पास जीत का मौका था, लेकिन समय की कमी के कारण उनसे गलती हुई और उनकी स्थिति कमजोर हो गई। हालांकि कारुआना इसका फायदा नहीं उठा सके और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।

शुरुआती हार के बाद शानदार वापसी

फाइनल के पहले क्लासिकल गेम में प्रज्ञानंदा को कारुआना के खिलाफ 6-0 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद दूसरे क्लासिकल गेम में भारतीय खिलाड़ी ने वापसी करते हुए मुकाबला 3-3 से ड्रॉ कराया।

दूसरे क्लासिकल गेम के ड्रॉ के बाद कारुआना के पास 6 अंकों की बढ़त थी। इसके बावजूद प्रज्ञानंदा ने निर्णायक दिन दबाव में शानदार खेल दिखाया और रैपिड में लगातार जीत हासिल कर खिताब की दौड़ में वापसी की।

वेस्ली सो ने भी जीता तीसरे स्थान का मुकाबला

तीसरे स्थान के मुकाबले में ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने विंसेंट कीमर को हराया। रैपिड चरण में दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक जीत हासिल की, लेकिन ब्लिट्ज में वेस्ली सो ने पूरी तरह दबदबा बनाया।

उन्होंने ब्लिट्ज के चारों गेम जीतकर मुकाबला एक गेम बाकी रहते अपने नाम कर लिया। सो ने यह मुकाबला 18-12 के स्कोर से जीता।

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