रायपुर,10 अक्टूबर 2026
रायपुर में माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर 22 अक्टूबर को विशेष आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रायपुर स्थित लोकभवन में 200 रुपए का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। इसके साथ ही माता साहिब हासी देवी के सम्मान में विशेष स्मारक डाक टिकट भी जारी किया जाएगा।
यह आयोजन सिंधी समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में 200 से अधिक विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है।
35 ग्राम का होगा स्मारक सिक्का
जानकारी के अनुसार स्मारक सिक्के का कुल वजन 35 ग्राम होगा। इसे भारत सरकार की कोलकाता टकसाल में तैयार किया जा रहा है। सिक्के में 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत निकल और 5 प्रतिशत जस्ता का मिश्रण होगा।
स्मारक सिक्का जारी करने को लेकर भारत सरकार की ओर से राजपत्र में अधिसूचना भी प्रकाशित की जा चुकी है। विमोचन के बाद श्रद्धालुओं और सिक्का संग्रहकर्ताओं को इसकी बुकिंग की सुविधा मिलने की जानकारी दी गई है।
शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों से होगी बुकिंग
शदाणी दरबार के सचिव उदय सांई के अनुसार किसी सिंधी विभूति के सम्मान में स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी होना समाज के लिए गौरवपूर्ण अवसर है। इससे देश-विदेश में रहने वाले सिंधी समाज के लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव और गौरव की अनुभूति होगी।
सिक्के के विमोचन के बाद श्रद्धालु और संग्रहकर्ता शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों के माध्यम से बुकिंग करा सकेंगे। इसके अलावा कोलकाता टकसाल की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
300 साल पुरानी परंपरा से जुड़ा है शदाणी दरबार
रायपुर का शदाणी दरबार तीर्थ सिंधी समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसकी परंपरा 18वीं सदी से जुड़ी हुई बताई जाती है। दरबार के संस्थापक संत शदूराम साहिब का जन्म अक्टूबर 1708 में लाहौर में हुआ था। वर्ष 1768 में वे सिंध क्षेत्र के मठेलो पहुंचे और बाद में हयात पिताफी में शदाणी दरबार की स्थापना की।
भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद शदाणी परंपरा भारत में भी आगे बढ़ी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धमतरी रोड पर करीब 12 एकड़ क्षेत्र में शदाणी दरबार तीर्थ विकसित किया गया। वर्तमान में संत डॉ. युधिष्ठिर लाल शदाणी दरबार के नौवें पीठाधीश्वर हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी माता साहिब हासी देवी को पहचान
माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी होने से उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है। यह अवसर सिंधी समाज के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।
22 अक्टूबर को रायपुर में होने वाला यह आयोजन माता साहिब हासी देवी की स्मृति को सम्मान देने के साथ देश-विदेश में बसे सिंधी समाज के लिए ऐतिहासिक अवसर बनेगा।



