जशपुर,3 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला अस्पताल के एक डॉक्टर पर मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के बदले रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, डॉक्टर ने प्रमाण पत्र बनाने के लिए 1 हजार रुपए की मांग की थी, लेकिन बातचीत के बाद कथित तौर पर 500 रुपए में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिए तैयार हो गए। डॉक्टर को पैसे देते हुए बनाया गया वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन के जरिए की गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच टीम गठित की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

जानकारी के मुताबिक, सन्ना थाना क्षेत्र के कवई गांव निवासी मुक्तेश्वर राम ने शपथ पत्र देकर शिकायत की है। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई 2026 को वह अपने दोस्त सहिन्द्र राम की बेटी करिश्मा का मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए राजा देवशरण जिला अस्पताल पहुंचे थे। करिश्मा को आरा चौकी क्षेत्र के झपरा स्थित पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में एडमिशन लेना था, जिसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, जिला अस्पताल में उनकी मुलाकात डॉ. धीरेन्द्र अग्रवाल से हुई। उन्होंने डॉक्टर से मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने का अनुरोध किया। आरोप है कि डॉक्टर ने इसके बदले 1 हजार रुपए की मांग की। मुक्तेश्वर ने बताया कि उनके पास इतने पैसे नहीं थे और उन्होंने कम रकम लेने का अनुरोध किया। इसके बाद कथित तौर पर डॉक्टर 500 रुपए में प्रमाण पत्र बनाने के लिए तैयार हो गए।

मुक्तेश्वर का दावा है कि उन्होंने डॉक्टर को 500 रुपए दिए और इसी दौरान मोबाइल फोन से घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वायरल वीडियो में डॉक्टर को कथित तौर पर पैसे लेते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच अभी जारी है।

सीएमएचओ डॉ. जीएस जात्रा ने बताया कि डॉ. धीरेन्द्र अग्रवाल से जुड़ी शिकायत सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुई है। कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर गठित टीम मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच के दौरान संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है और आवश्यक गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। विभाग के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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