रायपुर, 24 सितंबर 2026
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित, सुरक्षित बचपन ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि विकास केवल सुविधाओं और अधोसंरचना के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि तब सार्थक होता है जब महिलाओं को निर्णय लेने का आत्मविश्वास मिले और बच्चों को पोषण, शिक्षा एवं सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।
मंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से जनभागीदारी के जरिए योजनाओं और उनके लाभ को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।
महिलाओं का आत्मविश्वास ही समाज की शक्ति
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने अनेक महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं और परिवार से जुड़े खर्चों के निर्णय लेने में संबल दिया है। कई महिलाएं इस राशि से बचत और छोटे आजीविका प्रयासों की शुरुआत कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़ रही हैं। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ आगे बढ़ने के लिए नए अवसर भी उपलब्ध हों।
आंगनवाड़ी से जुड़ेंगे परिवार और समुदाय
मंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सक्षम समाज की नींव बचपन में पड़ती है। आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ माताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन केंद्रों की सफलता के लिए परिवार और समुदाय की भागीदारी भी जरूरी है।
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन’ का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से अभिभावकों और समुदाय के लोगों को आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों से जुड़ने, बच्चों के भोजन एवं स्वच्छता व्यवस्था को समझने तथा पोषण से जुड़े विषयों पर संवाद करने का अवसर मिलेगा।
इस दौरान बच्चों के लिए विविध और पौष्टिक आहार, उम्र के अनुसार भोजन, बच्चों की वृद्धि और स्वच्छता जैसी महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा की जाएगी। ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ के संदेश के जरिए परिवारों को बच्चों के पोषण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सुरक्षित बचपन के लिए साझा संकल्प
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि हर बच्चे को भय, शोषण और हिंसा से मुक्त वातावरण मिलना चाहिए। बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा और उपेक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए परिवार, विद्यालय, पंचायत, आंगनवाड़ी और समुदाय को मिलकर सजग रहना होगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों की बात सुनना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता पहुंचाना सुरक्षित बचपन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
मंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का वास्तविक उद्देश्य लोगों तक पहुंचकर उनकी जरूरतों को समझना और समाधान की दिशा में सामूहिक प्रयास करना है। किसी मां को पोषण की सही जानकारी मिलना, किसी महिला को आजीविका का अवसर मिलना और किसी बच्चे को सुरक्षित वातावरण मिलना ही अभियान की सार्थक उपलब्धियां हैं।
उन्होंने आह्वान किया कि ‘आंगन मिलन’ से शुरू होने वाले संवाद और सहभागिता को निरंतर बनाए रखा जाए। जब परिवार, समुदाय और शासन मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी सशक्त मातृशक्ति तथा सुपोषित और सुरक्षित बचपन के संकल्प से विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला और मजबूत होगी।



