नई दिल्ली,25 जुलाई 2026
नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। वर्तमान में वह उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के बीजापुर में हुआ था। वह धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांचवीं बार सांसद चुने गए हैं। इससे पहले वह मोदी सरकार 2.0 में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खदान मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। वर्ष 2006 से 2013 तक वह कर्नाटक भाजपा के महासचिव रहे और बाद में प्रदेश अध्यक्ष का पद भी संभाला।
12 वर्षों में विरोध के बाद पहला मंत्री इस्तीफा
साल 2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने व्यापक विरोध के बीच इस्तीफा दिया है। इससे पहले 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर ने ‘मी टू’ आंदोलन के दौरान लगे आरोपों के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया था। वर्तमान घटनाक्रम में धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी विवाद और छात्र आंदोलन के बीच सामने आया है।



