रायपुर,5 सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के श्री श्री राधा रासबिहारी जी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में शंख से भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया और श्रद्धालुओं के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का जाप किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्तव्य, सत्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश का संदेश दिया। उन्होंने गीता के माध्यम से मानव जीवन को कर्म, कर्तव्य और धर्म के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है। प्रदेश में अनेक ऐसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल हैं, जिनका संबंध हमारी आस्था और संस्कृति से है। सरकार इन स्थलों के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने भोरमदेव मंदिर परिसर के विकास का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके लिए लगभग 150 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन कराने के लिए संचालित मुख्यमंत्री श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिल चुका है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का कार्य किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष के आयोजन के लिए संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस्कॉन द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, आध्यात्मिकता और मानवता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण शामिल हुए। मंदिर परिसर में भक्ति, आध्यात्मिकता और कृष्णमय वातावरण देखने को मिला।



