रायपुर,4 सितम्बर 2026
छत्तीसगढ़ से अलग बस्तर राज्य बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अलग बस्तर राज्य की मांग करने वालों को विकास विरोधी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार में नक्सलवाद के खात्मे का असंभव काम संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री साय अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शुक्रवार को राजधानी रायपुर लौटे। इस दौरान उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय की बैठक में हिस्सा लिया और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। जन्माष्टमी के अवसर पर रायपुर एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनका बाजे-गाजे और गुलदस्तों के साथ स्वागत किया।
जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन की सराहना
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जल शक्ति मंत्रालय की बैठक को लेकर बताया कि ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के 5 जिले देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हैं।
सीएम साय ने कहा कि बारिश की हर बूंद को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करना सरकार का लक्ष्य है।
हर राज्य में ‘कैच द रेन प्लान’ की जरूरत
बैठक में दिए गए सुझावों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर राज्य को अपनी परिस्थितियों के अनुसार ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करना चाहिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ शुरू करने का सुझाव भी दिया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी के जरिए जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
अलग बस्तर राज्य की मांग पर क्या बोले CM साय?
अलग बस्तर राज्य की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नक्सली बस्तर में सड़क, स्कूल और विकास कार्यों को रोकना चाहते थे।
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति और जवानों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल हुई है।
मुख्यमंत्री ने अलग बस्तर राज्य की मांग करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी मांग विकास विरोधी बातें हैं और इस तरह की मांग करने वाले छत्तीसगढ़ की जनता के विरोधी हैं।



