रायपुर, 15 जून 2026
छत्तीसगढ़ में सड़क और पुल निर्माण परियोजनाओं में लगातार हो रही देरी पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने दो ठेकेदारों का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है, जबकि आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
चार पुल परियोजनाओं में देरी पर बड़ी कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। कंपनी द्वारा कोंडागांव और कबीरधाम जिले में चार उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण कार्य किए जा रहे थे, लेकिन सभी परियोजनाएं निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे पाई गईं।
इसके अलावा कांकेर जिले में नेरूल नदी और डुमरीकेल नाला पर पुल निर्माण कार्यों में देरी के कारण ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन भी दो वर्षों के लिए रद्द कर दिया गया है।
सुकमा और नारायणपुर की परियोजनाओं की भी समीक्षा
नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा सड़क चौड़ीकरण परियोजना में धीमी प्रगति को लेकर ठेकेदार पंकज हालदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मांगा गया है। वहीं सुकमा जिले में सड़क निर्माण कार्यों में देरी के मामले में ठेकेदार आशीष भदौरिया के खिलाफ भी कार्रवाई प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आठ ठेकेदारों को नोटिस
विभाग ने कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर और सुकमा में चल रही विभिन्न सड़क परियोजनाओं में तय माइलस्टोन पूरे नहीं करने पर बीएमएस प्रोजेक्ट, सुराना एंड कंपनी, एसके अरोरा, के. मोहन रेड्डी, ट्रांससॉफ्ट इन्फ्रा, राघव कंस्ट्रक्शन, बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और गोविंद्र सिंह देशमुख सहित कई ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अरुण साव बोले – लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण कार्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कों और पुलों के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी से आम जनता को परेशानी होती है, इसलिए बस्तर सहित प्रदेशभर में निर्माणाधीन कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


