रायपुर,30 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब इसका असर दूध से बने पनीर की कीमतों और उपलब्धता पर दिखाई देने लगा है। प्रतिबंध के बाद दूध से तैयार होने वाले पनीर की मांग बढ़ गई है, जिसके चलते दुग्ध उत्पादक कंपनियों और स्थानीय डेयरी संचालकों ने पनीर के दाम बढ़ा दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, देवभोग पनीर की कीमत बढ़कर 430 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं अमूल और वचन पनीर करीब 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले पनीर की कीमत में भी 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।
31 जुलाई को लगाया गया था प्रतिबंध
शासन ने 31 जुलाई को एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया था। एनालॉग पनीर में मिल्क पाउडर आदि का इस्तेमाल किया जाता है और इसे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना गया है। प्रतिबंध के बाद दूध से बनाए जाने वाले पनीर की मांग में तेजी आई है।
वहीं, छत्तीसगढ़ में दूध का उत्पादन सीमित मात्रा में होने के कारण दूध से पनीर का उत्पादन भी सीमित है। ऐसे में पनीर की मांग लगातार बनी रहने और उपलब्धता कम होने से इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
जुलाई से 40 रुपये तक बढ़ी कीमत
देवभोग ने अपने पनीर की कीमत में थोक में करीब 30 रुपये और खुदरा में 50 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की है। वहीं वचन और अमूल के पनीर की कीमत 380 रुपये से बढ़कर करीब 400 रुपये प्रति किलो हो गई है।
रायपुर के टिकरापारा इलाके के एक कारोबारी ने बताया कि उनके पास दूध से बना पनीर 400 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है। जुलाई तक इसकी कीमत करीब 360 रुपये प्रति किलो थी, लेकिन सप्लायरों द्वारा कीमत बढ़ाए जाने के बाद पनीर के दाम भी बढ़ गए।
मिठाई दुकानों में भी कम हुई उपलब्धता
एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध का असर राजधानी की मिठाई दुकानों में पनीर की उपलब्धता पर भी पड़ा है। छोटी-बड़ी कई मिठाई दुकानों में अब पनीर की उपलब्धता पहले की तुलना में कम बताई जा रही है। फिलहाल बड़ी दुकानों और डेयरी संचालकों के पास दूध से बने पनीर की उपलब्धता अधिक है।



