रायपुर, 9 जुलाई 2026

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की पहली बैठक में असंगठित श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में ई-रिक्शा सहायता योजना, गिग वर्कर्स, चरवाहों, मेधावी विद्यार्थियों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े नए प्रस्तावों को मंजूरी देने पर सहमति बनी।

बैठक का सबसे बड़ा फैसला ई-रिक्शा सहायता योजना को लेकर रहा। सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्वरोजगार के लिए दी जाने वाली 50 हजार रुपये की अनुदान राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। इससे अधिक श्रमिक अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकेंगे।

बैठक में डिलीवरी कार्य करने वाले गिग वर्कर्स को भी मंडल के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया गया। उनके लिए अलग से विशेष कल्याणकारी योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही चरवाहों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए अलग योजना तथा मेधावी श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा में प्रोत्साहन देने के लिए नई योजना शुरू करने का भी फैसला लिया गया।

श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से व्यापक बीमा योजना तैयार करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है।

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडल में पंजीकृत सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार आधारित पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे।

उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पाम्पलेट और चित्रमय बुकलेट तैयार करने तथा हितग्राहियों के आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में विधायक चैतराम अटामी, विधायक सुशांत शुक्ला, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, उप सचिव विपुल गुप्ता सहित वित्त विभाग, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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