राजनांदगांव,26 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते (DA) तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य सरकार से जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) एरियर सहित देने और कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा तत्काल लागू करने की मांग की है। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि मांगों का जल्द निराकरण नहीं होने पर आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

32 कर्मचारी-अधिकारी संगठनों के पदाधिकारी बैठक में शामिल

कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं पर चर्चा के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, राजनांदगांव की बैठक भारत स्काउट जिला कार्यालय भवन में आयोजित की गई। स्टेट स्कूल के पास स्थित कार्यालय में हुई इस बैठक में जिले के 32 कर्मचारी-अधिकारी संगठनों के जिला अध्यक्ष और पदाधिकारी शामिल हुए।

बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और उनके हित में आवश्यक निर्णय लिए जाएं।

जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत डीए देने की मांग

बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने एक स्वर में मांग की कि राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों को जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिया जाए। इसके साथ ही महंगाई भत्ते का बकाया एरियर देय तिथि से भुगतान करने की मांग भी उठाई गई।

फेडरेशन का कहना है कि महंगाई के मौजूदा दौर में कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए महंगाई भत्ते से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण जरूरी है। पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से इस विषय पर जल्द फैसला लेने की अपील की।

कैशलेस चिकित्सा सुविधा तत्काल लागू करने पर जोर

महंगाई भत्ते के अलावा बैठक में कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा तत्काल लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी से राहत दिलाने के लिए यह सुविधा जल्द शुरू की जानी चाहिए।

फेडरेशन ने सरकार से कर्मचारियों के आर्थिक हितों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दोनों मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी

फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो संगठन आगामी दिनों में उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। फेडरेशन के अनुसार, मांगों की अनदेखी जारी रहने पर उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाने और आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई।

बैठक में ये पदाधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में फेडरेशन के संरक्षक डॉ. केएल टांडेकर, जिला संयोजक सतीश ब्यौहरे, जिला महासचिव पीआर झाड़े सहित संतोष चौहान, डीएल चौधरी, एनएल देवांगन, अरुण देवांगन, पुष्पेंद्र साहू, हरीश भाटिया, परदेसी राम साहू, रमेश साहू, संजय तिवारी, प्रशांत सुखदेवे और महेश साहू सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

फिलहाल फेडरेशन ने सरकार से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है।

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