रायपुर,4 सितम्बर 2026
दिल्ली दौरे से लौटे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जल संरक्षण के क्षेत्र में मिली बड़ी उपलब्धि साझा की है। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान वे जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित जल सुरक्षा शिखर सम्मेलन में शामिल हुए, जहां छत्तीसगढ़ के ‘कैच द रेन’ और ‘जल संचय जनभागीदारी’ मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल को देश के सामने प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि राज्य में जल संरक्षण और जनभागीदारी के जरिए किए जा रहे प्रयासों को अब राष्ट्रीय पहचान मिल रही है।
तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ नंबर-1
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘कैच द रेन’ और ‘जल संचय जनभागीदारी’ अभियान के पहले और दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया था। वहीं, अभियान के तीसरे चरण में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेशवासियों के सहयोग और सामूहिक प्रयासों को दिया। सीएम साय ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर
छत्तीसगढ़ में लोगों की सहभागिता से जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के पानी को सहेजने, भूजल स्तर बढ़ाने और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी से जल संरक्षण कार्यों को गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट की चुनौती को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इन अभियानों को प्रभावी तरीके से लागू कर रहा है।
दिल्ली में जल संसाधन मंत्रियों की कार्यशाला में हुए शामिल
सीएम साय ने नई दिल्ली में आयोजित भाजपा शासित प्रदेशों के जल संसाधन मंत्रियों की कार्यशाला में भी हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन मिला और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात हुई। इस दौरान छत्तीसगढ़ में जल संचय और जल संरक्षण को लेकर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मिली यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी राज्य जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार काम करता रहेगा।
सीएम साय ने प्रदेशवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए जल बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए लोगों से आगे आने की अपील की।



