बिलासपुर, 12 जून 2026
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गर्भपात की अनुमति मांगने वाली एक रेप पीड़िता की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेडिकल बोर्ड के गठन का निर्देश दिया है। बोर्ड पीड़िता की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट अगली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष पेश करेगा। मामले की सुनवाई जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की वेकेशन बेंच में हुई।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वह यौन उत्पीड़न की पीड़िता है। जब पुलिस को उसकी जानकारी मिली थी, तब वह लगभग 12 सप्ताह की गर्भवती थी, जबकि वर्तमान में गर्भावस्था करीब 15 सप्ताह की हो चुकी है। पीड़िता ने स्वयं गर्भावस्था समाप्त करने की सहमति देते हुए शपथपत्र के साथ याचिका दायर की है।
याचिका में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट, 1971 (संशोधन 2021) के तहत गर्भपात की अनुमति देने की मांग की गई है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से जांच कराने का आदेश दिया।
इन विशेषज्ञों को किया जाएगा शामिल
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि मेडिकल बोर्ड में स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist), शिशु रोग विशेषज्ञ (Pediatrician), रेडियोलॉजिस्ट, सोनोलॉजिस्ट और आवश्यकता अनुसार अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया जाए।
कोर्ट ने पीड़िता को 12 जून 2026 को दोपहर 2 बजे तक जिला अस्पताल कोरबा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मेडिकल बोर्ड पीड़िता की शारीरिक और मानसिक स्थिति का मूल्यांकन करेगा और अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगा।
मामले की अगली सुनवाई मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद की जाएगी।


