नई दिल्ली,7 अगस्त 2026
NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा खुलासा किया है। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कुछ विषय विशेषज्ञों ने ही परीक्षा का प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाने में भूमिका निभाई। मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 10 अगस्त को संज्ञान लेगी।
सीबीआई जांच में सामने आया है कि तीन विषय विशेषज्ञों ने अलग-अलग तरीकों से NTA के दिल्ली कार्यालय से प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर निकाली। कुछ विशेषज्ञों ने प्रश्नों को कागज की पर्चियों पर लिखकर छिपाया, जबकि अन्य ने उन्हें याद कर लिया और बाद में होटल पहुंचकर साझा किया।
चार्जशीट के मुताबिक बॉटनी-ज़ूलॉजी विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंधारे, केमिस्ट्री विशेषज्ञ प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी (पीवी कुलकर्णी) और फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा संजय हवालदार ने प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर पहुंचाई।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि अप्रैल 2026 के दौरान पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे ने पुणे स्थित अपने घरों पर गुप्त स्पेशल रिवीजन सेशन आयोजित किए, जहां उम्मीदवारों को प्रश्न, विकल्प और सही उत्तर मौखिक रूप से बताए गए।
वहीं फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा हवालदार ने कथित रूप से प्रश्न एपीएमए के फिजिक्स लेक्चरर तेजस हर्षदकुमार शाह को बताए। इसके बाद हस्तलिखित नोट्स की तस्वीरें लेकर उन्हें लातूर स्थित रेणुकाई करियर सेंटर के निदेशक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर तक पहुंचाया गया।
सीबीआई के अनुसार, डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे के साथ मिलकर कुछ उम्मीदवारों को सिद्धिविनायक अस्पताल बुलाया गया, जहां परीक्षा से पहले उन्हें पूरा प्रश्न बैंक याद कराया गया। जांच में यह भी आरोप है कि बाद में 10 से 12 लाख रुपये लेकर अन्य अभ्यर्थियों तक भी प्रश्न उपलब्ध कराए गए।
यह मामला देश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर 10 अगस्त को होने वाली राउज एवेन्यू कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है।



