नई दिल्ली,7 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में ₹23,731 करोड़ की राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी (GOBARdhan) योजना को मंजूरी दी गई। योजना का उद्देश्य अगले 10 वर्षों में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन को लगभग 10 गुना बढ़ाना है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार CNG और PNG में चरणबद्ध तरीके से बायोगैस ब्लेंडिंग लागू करेगी। इसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत ब्लेंडिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी।
सरकार के अनुसार सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां तय ब्लेंडिंग लक्ष्य को पूरा करने के लिए बायोगैस की खरीद करेंगी। इस पहल को भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
योजना के तहत कृषि अवशेष, गोबर, चीनी मिलों से निकलने वाला प्रेसमड, नगर निकायों के जैविक कचरे और अन्य बायोमास से स्वच्छ ईंधन, जैविक खाद और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित किए जाएंगे। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार ने योजना में उत्पाद की सुनिश्चित खरीद, स्थिर मूल्य, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन कनेक्टिविटी, ऋण सहायता और नई तकनीक के विकास जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान किया है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा तंत्र को मजबूती मिलेगी।
योजना के तहत बायोगैस उत्पादकों को आय की स्थिरता देने के लिए न्यूनतम 10 वर्षों की मूल्य व्यवस्था तय की गई है। प्रशासनिक मूल्य ₹2,110 प्रति मेट्रिक मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (MMBTU) निर्धारित किया गया है।
केंद्र सरकार का मानना है कि इस योजना से आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, नवीकरणीय गैस उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे।



