कबीरधाम,3 अगस्त 2026
भोरमदेव मंदिर चौरा में आयोजित पांच दिवसीय संभागीय सरस मेला का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संभागीय सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की दीदियां अपने उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।
मेले में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां मिलेट उत्पाद, जैविक खाद्य सामग्री, वनोपज आधारित उत्पाद, हस्तशिल्प, हथकरघा सामग्री, बांस एवं बेंत से बने उत्पाद, पारंपरिक परिधान, सजावटी वस्तुएं और घरेलू उपयोग की कई स्वदेशी सामग्री बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया, महिला समूहों से संवाद किया और उनके उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि 06 अगस्त तक चलने वाला यह मेला महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। वहीं सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि मेले का उद्देश्य स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाना है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
मेले का आकर्षण प्रसिद्ध पंडवानी गायिका श्रीमती तरुणा साहू की प्रस्तुति रही, जिन्होंने द्रौपदी चीरहरण सहित कई प्रसंगों का प्रभावशाली गायन किया। वहीं स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल बोड़ला के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शिव तांडव नृत्य ने भी दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
उल्लेखनीय है कि मेले में कबीरधाम, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित विभिन्न जिलों के महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हल्दी, मिर्च, धनिया, कोदो-कुटकी, ब्लैक राइस, अचार, पापड़, अगरबत्ती, दोना-पत्तल, बैग, हैंडबैग और अन्य स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है।



