नई दिल्ली,16 अगस्त 2026
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गान को लेकर उठे विवाद ने सियासी माहौल गरमा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी ने वोट बैंक की राजनीति के चलते राष्ट्रीय गीत को भुला दिया।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में करीब 80 साल बाद बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के अमर गीत ‘वंदे मातरम्’ को सम्मान के साथ गाया जा रहा था, लेकिन उनके अनुसार इसे बीच में ही रोक दिया गया।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के कहने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वंदे मातरम् का गान रुकवा दिया। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर तीखी टिप्पणी की।
गृह मंत्री ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता सब देख रही है और कांग्रेस नेताओं को इस घटना के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस में थोड़ी भी शर्म बची है तो पार्टी को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
अमित शाह ने आगे कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में हुई इस घटना को देश की जनता कभी नहीं भूलेगी और इसे उन्होंने ‘बड़ा पाप’ करार दिया।
कांग्रेस ने दिया पलटवार
वहीं, इस विवाद पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने अमित शाह के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं, उनका देश की आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं था।
अखिलेश प्रसाद सिंह ने RSS के पुराने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय तक संघ मुख्यालय में तिरंगा नहीं फहराया गया और अब वही लोग कांग्रेस से सवाल कर रहे हैं।
इस पूरे विवाद के बाद वंदे मातरम्, कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गया है।



