रायपुर, 27 अगस्त 2026
उप मुख्यमंत्री एवं खेल तथा युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती और राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस देशव्यापी कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने वर्चुअली संबोधित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न शहरों के करीब 1600 स्थानों से जुड़े 8 लाख से अधिक युवाओं को संबोधित किया गया। देशभर के एथलीट्स और खेल जगत की प्रसिद्ध हस्तियां भी वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़ीं। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा और यूथ आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा भी मौजूद रहीं।
खेल केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत के निर्माण में खेलशक्ति और युवाशक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।
उन्होंने कहा कि खेल में खिलना केवल मैदान पर जीतना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, परिवार और देश के गौरव का विकास भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम के निर्माण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि देश में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटीज, आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर्स और खेल प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए व्यापक व्यवस्था विकसित की जा रही है। भारत अन्य देशों के साथ स्पोर्ट्स साइंस, प्रशिक्षण, कोचिंग और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए भी सहयोग बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘खेलो इंडिया संवाद’ केवल खेलों पर चर्चा का मंच नहीं है, बल्कि यहां से निकलने वाला हर विचार देश के स्पोर्ट्स विजन को नई दिशा दे सकता है। युवाओं के विचारों, महत्वाकांक्षाओं और सुझावों को नीतियों के निर्माण में शामिल किया जाएगा।
नशामुक्त युवा ही बनाएंगे विकसित भारत: अरुण साव
उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने एनआईटी में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हर सफलता के पीछे कठोर परिश्रम और आत्मविश्वास होता है। बुराइयों को त्यागकर और अपनी कमियों को दूर करते हुए मेहनत करने से बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का निर्माण कर सकता है। नशामुक्त होना अपने आप में देश को ताकत और मजबूती देने जैसा है।
श्री साव ने कहा कि जीवन में असफलताएं आने पर निराश और हताश होने के बजाय पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को कमजोर करता है और उससे किसी का कोई लाभ नहीं हो सकता।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उनके सामर्थ्य और क्षमता के दम पर ही देश विकसित भारत बनेगा।
तिलक वर्मा बोले- खेल सिखाता है कठिन परिस्थितियों से जूझना
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि खेल व्यक्ति को जीवन के कई महत्वपूर्ण सबक सिखाता है। खेल कठिन परिस्थितियों से जूझना, दबाव झेलना, कौशल विकास, टीम भावना और मानसिक स्थिरता जैसे गुण विकसित करता है।
2036 ओलंपिक और खेल अधोसंरचना पर युवाओं ने रखे सुझाव
एनआईटी के विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और युवाओं ने ‘युवा संवाद’ के दौरान खेल अधोसंरचना के विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार और स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर अपने विचार रखे।
युवाओं ने वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास, नशामुक्ति, युवा नेतृत्व, शासन में युवाओं की भागीदारी और युवा सशक्तीकरण जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कार्यक्रम में युवाओं को नशामुक्त रहने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर एनआईटी के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो, माय भारत के राज्य निदेशक अर्पित तिवारी सहित एनआईटी के प्राध्यापक और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।






