रायपुर, 18 जून 2026
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अपनी परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए सेजबहार फेस-1 कॉलोनी स्थित मंडल की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया है। कार्रवाई के दौरान एक निजी बिल्डर द्वारा बिना अनुमति निर्मित की जा रही अवैध सड़क को ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया।
मंडल के अनुसार दीनदयाल आवास योजना के अंतर्गत कलेक्टर रायपुर के आदेश दिनांक 03 फरवरी 2006 के माध्यम से ग्राम सेजबहार एवं ग्राम दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (53.19 एकड़) भूमि आवासीय परियोजना विकसित करने के लिए आबंटित की गई थी। परियोजना को 17 मई 2006 को विकास अनुज्ञा प्राप्त हुई थी।
1435 एलआईजी आवासों का था प्रावधान
स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुल 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों के निर्माण का प्रावधान था। निरीक्षण और अभिलेख परीक्षण में पाया गया कि 1327 आवास स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप निर्मित किए गए, जबकि 39 आवास स्वीकृत अभिन्यास से अलग बनाए गए। इस प्रकार कुल 1366 आवासों का निर्माण किया गया।
भूमि विवाद के कारण नहीं बन सके 79 आवास
मंडल के अनुसार निर्माण अवधि के दौरान भूमि विवाद उत्पन्न होने से भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका। विवादित क्षेत्र में आवास निर्माण न होने के कारण इनका विक्रय भी नहीं किया गया।
सीमांकन में उजागर हुआ अतिक्रमण
हाल ही में मंडल ने अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक निजी बिल्डर द्वारा मंडल की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर सड़क निर्माण किया जा रहा था। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
अवैध सड़क हटाकर भूमि कराई गई मुक्त
कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप के नेतृत्व में मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान संपदा अधिकारी अमृत लाल बरमन, सहायक अभियंता हेमंत निषाद, उप अभियंता निकिता मिश्रा, अनुपम राठौर, पेमेन्द्र ध्रुव, अमय विक्रम तथा कमलेश दास सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में अनधिकृत सड़क को हटाया गया।
नई आवासीय परियोजना की तैयारी
मंडल के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भूमि उसकी महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है और भविष्य में यहां नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंडल अपनी भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।


