रायपुर,30 जुलाई 2026
उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने कहा है कि जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालीन सुचारू संचालन के लिए वर्षा जल संचय, जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि इससे जल स्रोत लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (RGNGWTRI) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में अरुण साव ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल प्रमाणित गांवों की करीब 100 महिला सरपंचों को संबोधित किया। कार्यशाला का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने यूनिसेफ और एसीई (Action for Community Development) के सहयोग से किया।
उप मुख्यमंत्री ने महिला सरपंचों से हर घर नल से जल पहुंचने के बाद ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं के जीवन में आए बदलाव, जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव, जल गुणवत्ता परीक्षण और रखरखाव शुल्क जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि योजनाओं के पंचायतों को हस्तांतरित होने के बाद उनका प्रभावी संचालन ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यशाला में नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण, मरम्मत और बेस्ट प्रैक्टिसेस पर विस्तार से चर्चा की गई। महिला सरपंचों ने अपनी पंचायतों के अनुभव साझा किए, जबकि विशेषज्ञों ने योजनाओं के सफल, निर्बाध और दीर्घकालीन संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रबंधन संबंधी सुझाव दिए।
अरुण साव ने कहा कि स्टॉपडैम निर्माण, बारिश के पानी का संग्रहण, भूजल स्रोतों का रिचार्ज और तालाबों में प्राकृतिक जल प्रवाह बनाए रखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने गांवों में जल स्रोतों पर अतिक्रमण हटाकर जल संरक्षण को जनभागीदारी से मजबूत करने पर जोर दिया।
कार्यशाला को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, आरजीएनजीडब्ल्यूटीआरआई की निदेशक रूबी मुखर्जी, यूनिसेफ की जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ श्वेता पटनायक, प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम तथा अधीक्षण अभियंता समीर गौड़ ने भी संबोधित किया।



