रायपुर, 14 अगस्त 2026

राजधानी रायपुर में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया और विस्थापन की त्रासदी झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, साहस और धैर्य को नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की सीख भी है। विभाजन की पीड़ा हमें हर परिस्थिति में देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को अक्षुण्ण रखने का संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि 1947 का विभाजन केवल भू-भाग और सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि इस त्रासदी ने लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि, घर-बार और अपनों से बिछड़ने के लिए मजबूर किया। बंगाली, सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों के लाखों परिवारों ने विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लोगों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में नए स्थानों पर लगभग शून्य से जीवन की शुरुआत की। अपने अथक परिश्रम, पुरुषार्थ और जीवटता से उन्होंने स्वयं को पुनः स्थापित किया तथा देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों के बलिदान और विस्थापित परिवारों के संघर्ष को सम्मान देने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह दिवस केवल अतीत की पीड़ा को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति संकल्प मजबूत करने का अवसर भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को यह जानना आवश्यक है कि स्वतंत्रता के साथ विभाजन के समय लाखों देशवासियों को कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी से गुजरना पड़ा। इतिहास का स्मरण इसलिए जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो और समाज में एकता, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना और मजबूत हो।

उन्होंने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत का लक्ष्य एकजुट और सशक्त समाज की नींव पर ही साकार होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी का स्वागत करते हुए भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. द्विवेदी ने अमृता प्रीतम के उपन्यास पर आधारित अपनी फिल्म ‘पिंजर’ के माध्यम से विभाजन की त्रासदी और मानवीय पीड़ा को संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया है।

समारोह में विभाजन का दंश झेलने वाले विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और उनके परिवारजनों ने अपने अनुभव और स्मृतियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अनुभवों और संघर्ष की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इतिहास के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

संगठित रहेंगे तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा : डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी

समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा। राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि भारत की एकता और अखंडता पर कभी आंच नहीं आने देंगे।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लाखों लोगों के संघर्ष और त्याग को इतिहास में उचित स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने अपने घर, संपत्ति और अपनों को खोने के बावजूद कठिन परिस्थितियों में नए सिरे से जीवन खड़ा किया और राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया।

उन्होंने विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारण का दायित्व सिरिल रेडक्लिफ को सौंपा गया था। विभाजन से उपजी पीड़ा और उसके परिणामों को समझना आज भी आवश्यक है, क्योंकि इतिहास से मिली सीख भविष्य के लिए सचेत करती है।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि समाज को बांटने वाली शक्तियों के प्रति हमेशा सजग रहना होगा। राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री साय मौन जुलूस में हुए शामिल

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक आयोजित मौन जुलूस में भी शामिल हुए। जुलूस के माध्यम से विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और विस्थापन का दंश झेलने वाले लाखों परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।

मौन जुलूस में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और स्कूली विद्यार्थी शामिल हुए। सभी ने विभाजन की विभीषिका का स्मरण करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं श्री मोतीलाल साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, संत युधिष्ठिर लाल जी, स्वामी शिवस्वरूपानंद जी, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज कुमार झा, श्री यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts