सरगुजा में बंदरों का आतंक: 5 माह के मासूम को पालने से उठाकर पानी भरे ड्रम में फेंका, हालत गंभीर
सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के रजपुरी कला गांव में जंगली बंदर ने 5 माह के मासूम को पालने से उठाकर पानी से भरे ड्रम में डाल दिया। गंभीर हालत में बच्चे का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।
गरियाबंद में वन विभाग की बड़ी सफलता: केरावाहारा में तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया, टला बड़ा खतरा
गरियाबंद जिले के केरावाहारा गांव में पिछले एक महीने से दहशत का कारण बने तेंदुए को वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नंदनवन जंगल सफारी: छत्तीसगढ़ में प्रकृति, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा केंद्र
नवा रायपुर स्थित 320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन चुका है। यहां वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और रोमांचक सफारी का अनूठा अनुभव एक साथ मिलता है।
AI से होगी जंगलों और वन्यजीवों की 24 घंटे निगरानी, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में AI आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू हो गया है। यह प्रणाली वन्यजीवों की 24 घंटे निगरानी, अवैध शिकार, लकड़ी तस्करी और मानव-वन्यजीव संघर्ष पर नियंत्रण में मदद करेगी।
भोरमदेव में इको-टूरिज्म को मिला बड़ा बूस्ट: डिप्टी CM विजय शर्मा ने 6 KM इको ट्रेल की शुरुआत की, हर वीकेंड मिलेगा जंगल सफारी का रोमांच
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव अभ्यारण्य में 6 किलोमीटर लंबे इको ट्रेल और वन महोत्सव का शुभारंभ किया। साथ ही 51 काला आम के पौधों का रोपण, 50 हजार सीड बॉल अभियान और बैगा समुदाय के हितग्राहियों को सोलर लालटेन वितरित की गई।
CM साय सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति: चीतल शिकार मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार
CM विष्णु देव साय के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत कवर्धा में नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा हुआ। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
नवा रायपुर जंगल सफारी में दिखा भारत का सबसे छोटा कठफोड़वा, जैव विविधता संरक्षण को मिली नई पहचान
नवा रायपुर जंगल सफारी के बॉटेनिकल गार्डन में भारत के सबसे छोटे कठफोड़वों में शामिल ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर की दुर्लभ मौजूदगी दर्ज की गई है। विशेषज्ञ इसे जैव विविधता संरक्षण और हरित विकास प्रयासों की बड़ी सफलता मान रहे हैं।



