विशेष लेख

धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक

अशोक कुमारचंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

रायपुर,24 जुलाई 2026

नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ का प्रमुख पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा केंद्र बन चुका है। 320.15 हेक्टेयर में फैले इस विशाल परिसर में पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके संरक्षण के बारे में जानने का अनूठा अवसर मिलता है।

यहां पर्यटकों के लिए शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी, लायन सफारी के साथ नंदनवन जू भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

1979 में मिनी जू से हुई शुरुआत

नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में नंदनवन मिनी जू के रूप में हुई थी, जिसे वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के तौर पर विकसित किया गया। वर्ष 2008 में इसे केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से मिनी जू की मान्यता मिली। इसके बाद वर्ष 2012 से 2015 के बीच नवा रायपुर में आधुनिक जंगल सफारी विकसित की गई और 1 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया।

वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष फोकस

नंदनवन जंगल सफारी का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाता है। विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए समय-समय पर पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

पांच प्रमुख जोन हैं आकर्षण का केंद्र

सफारी को अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है। 30.89 हेक्टेयर में फैली शाकाहारी सफारी में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण देखे जा सकते हैं। 20.03 हेक्टेयर की भालू सफारी, 20.04 हेक्टेयर की बाघ सफारी और 20.01 हेक्टेयर की सिंह सफारी पर्यटकों को रोमांचक अनुभव प्रदान करती हैं। वहीं 50 हेक्टेयर में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव मौजूद हैं।

दुर्लभ वन्यजीव भी हैं खास आकर्षण

नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।

हर साल बढ़ रही पर्यटकों की संख्या

वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में नंदनवन जंगल सफारी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025-26 में यहां 3 लाख 24 हजार 785 से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे पहले भी लगातार लाखों पर्यटक यहां भ्रमण कर चुके हैं।

जैव विविधता संरक्षण का जागरूकता केंद्र

सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे अवसरों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों और विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया जाता है।

रायपुर से आसान पहुंच

नंदनवन जंगल सफारी स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।

प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांचक सफारी, दुर्लभ वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी खास पहचान बना चुका है।

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