महुआ से बदली महिलाओं की तकदीर: वन धन योजना से मिली आत्मनिर्भरता और नई पहचान
वन धन विकास केंद्र योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिवासी और ग्रामीण महिलाएं महुआ से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रशिक्षण, आधुनिक प्रसंस्करण और बेहतर बाजार उपलब्ध होने से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
भोरमदेव में संभागीय सरस मेला शुरू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले- ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगी नई पहचान
कबीरधाम के भोरमदेव मंदिर परिसर में पांच दिवसीय संभागीय सरस मेले का शुभारंभ हुआ। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह मेला ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
केरसई का महतारी सदन बना महिला सशक्तिकरण का केंद्र, स्व-सहायता समूहों को मिला स्थायी मंच
जशपुर जिले के केरसई में निर्मित महतारी सदन महिला स्व-सहायता समूहों के लिए नियमित बैठकों, आजीविका गतिविधियों और सामाजिक कार्यक्रमों का स्थायी केंद्र बनकर उभरा है।
द्वीप्ति योजना: छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं बनेंगी ‘सोलर दीदी’, 5 हजार ऊर्जा उद्यम और 50 हजार हरित रोजगार का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ की द्वीप्ति (DWEEPTI) योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में उद्यमी, तकनीशियन और विक्रेता बनाया जा रहा है। राज्य ने महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति अपनाकर अगले पांच वर्षों में 5,000 ऊर्जा उद्यम, 50,000 हरित रोजगार और 5 लाख परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने
नारायणपुर में रेशम क्रांति, कोसापालन से ग्रामीणों की आय बढ़ी, महिलाओं को मिला रोजगार
नारायणपुर में मलबरी और टसर रेशम योजनाओं ने ग्रामीणों की आजीविका को नई दिशा दी है। कोसापालन से महिलाओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है, जबकि उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
रक्षाबंधन पर रायगढ़ की दीदियों की अनोखी पहल: बीज राखियों से देंगे हरियाली का संदेश, मिट्टी में मिलते ही उगेंगे पौधे
रायगढ़ में बिहान और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने बीज राखियां तैयार कर रक्षाबंधन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की अनूठी पहल की है। इन राखियों में लगे देसी बीज मिट्टी में मिलते ही अंकुरित होकर पौधे बन जाएंगे।
CM विष्णुदेव साय ने ‘दीदी के गोठ’ की तारीफ में कही बड़ी बात: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बन चुका है मजबूत मंच
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'दीदी के गोठ' वार्षिकोत्सव-2026 में कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्वरोजगार की प्रेरणा देने का सशक्त माध्यम बन गया है। इस अवसर पर उन्होंने कॉफी टेबल बुक, 'बिहान वाणी' पत्रिका और 'मोर गांव मोर पानी' पुस्तक का विमोचन किया।
जिले की पहचान विष्णुभोग चावल से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का सम्मान, महिला समूहों की मेहनत को मिली सराहना
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही दौरे पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का जिले की प्रसिद्ध विष्णुभोग चावल से सम्मान किया गया। मंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों और स्थानीय कृषि परंपरा की सराहना करते हुए ऐसे उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर दिया।



