विशेष लेख: सेवा संकल्प अभियान 2026 में बिहान से बदल रही सरगुजा की महिलाओं की तस्वीर, हुनर से आत्मनिर्भरता की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026 में सरगुजा की ग्रामीण महिलाएं बिहान के जरिए आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। लटोरी की 20 महिलाएं हस्तशिल्प से जुड़ीं, जबकि सूरजपति ने 60 हजार के ऋण से ऑटो और किराना व्यवसाय खड़ा कर करीब 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय हासिल की।
महतारी वंदन के ₹1000 से ईश्वरी ने संवारी सब्जी-बाड़ी, बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आमदनी को मिला नया सहारा
जीपीएम के बम्हनी गांव की ईश्वरी मरकार ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाले ₹1000 मासिक का उपयोग सब्जी-बाड़ी विकसित करने में किया। अब अतिरिक्त उपज बेचकर परिवार की आमदनी बढ़ा रही हैं।
बिहान से मिला आर्थिक संबल, खीरे की खेती से सुभद्रा मंडल ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
अम्बिकापुर विकासखंड की सुभद्रा मंडल ने काली माँ स्व-सहायता समूह से जुड़कर 1 लाख रुपये का ऋण लिया और एक एकड़ में खीरे की खेती शुरू की। खेती के जरिए वे आय बढ़ाने और ‘लखपति दीदी’ बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही हैं।
मेहनत और सरकारी सहयोग से बदली कमलेश की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’
मरवाही विकासखंड की कमलेश यादव ने महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर आरएफ-सीआईएफ और बैंक ऋण की मदद से चिकन स्टोर शुरू किया। सिलाई कार्य के साथ व्यवसाय से उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई और वे ‘लखपति दीदी’ बनकर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं।
रक्षाबंधन पर महतारी वंदन की सौगात: 30वीं किस्त से बढ़ीं बहनों की खुशियां, आत्मनिर्भरता को भी मिली नई मजबूती
रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त महिलाओं के खातों में पहुंचने से छत्तीसगढ़ की बहनों की खुशियां बढ़ गईं। योजना की राशि से महिलाएं राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ बच्चों के भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं, वहीं महिला स्व-सहायता समूहों ने स्थानीय



