रायपुर में आदि बाजार 2026 का शुभारंभ, मंत्री रामविचार नेताम बोले- जनजातीय कारीगरों को मिलेगा उचित मूल्य और नया बाजार
All विश्वसनीय छत्तीसगढ़
1 min read
2

रायपुर में आदि बाजार 2026 का शुभारंभ, मंत्री रामविचार नेताम बोले- जनजातीय कारीगरों को मिलेगा उचित मूल्य और नया बाजार

October 25, 2026
0

रायपुर के टाउन हॉल में मंत्री रामविचार नेताम ने आदि बाजार 2026 का शुभारंभ किया। 2 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर के जनजातीय कारीगर अपने पारंपरिक शिल्प और हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित एवं बिक्री कर सकेंगे। इससे कारीगरों को उचित मूल्य और नए बाजार मिलने की उम्मीद है।

Continue Reading
विशेष लेख: सेवा संकल्प अभियान 2026 में बिहान से बदल रही सरगुजा की महिलाओं की तस्वीर, हुनर से आत्मनिर्भरता की नई राह
All विश्वसनीय छत्तीसगढ़
1 min read
12

विशेष लेख: सेवा संकल्प अभियान 2026 में बिहान से बदल रही सरगुजा की महिलाओं की तस्वीर, हुनर से आत्मनिर्भरता की नई राह

October 6, 2026
0

सेवा संकल्प अभियान 2026 में सरगुजा की ग्रामीण महिलाएं बिहान के जरिए आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। लटोरी की 20 महिलाएं हस्तशिल्प से जुड़ीं, जबकि सूरजपति ने 60 हजार के ऋण से ऑटो और किराना व्यवसाय खड़ा कर करीब 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय हासिल की।

Continue Reading
धमतरी के जनजातीय कारीगरों को मिलेगा बड़ा बाजार: 20 कलाकारों ने लगाए स्टॉल, ट्राइफेड से जुड़कर बनेगी राष्ट्रीय पहचान
All विश्वसनीय छत्तीसगढ़
1 min read
19

धमतरी के जनजातीय कारीगरों को मिलेगा बड़ा बाजार: 20 कलाकारों ने लगाए स्टॉल, ट्राइफेड से जुड़कर बनेगी राष्ट्रीय पहचान

August 22, 2026
0

धमतरी में आयोजित जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेले में 20 कलाकारों और कारीगरों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। ट्राइफेड से जुड़कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान, प्रदर्शनियों और व्यापक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

Continue Reading
राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखेगी छत्तीसगढ़ की लोक एवं जनजातीय विरासत
All विश्वसनीय छत्तीसगढ़
1 min read
18

राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखेगी छत्तीसगढ़ की लोक एवं जनजातीय विरासत

August 12, 2026
0

15 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस स्वागत समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक एवं जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की विशेष प्रस्तुति होगी। गेंड़ी और गौर मड़िया नृत्य, बस्तर की पारंपरिक संगीत परंपरा, वाद्ययंत्र, शिल्प और पनिका बुनाई राष्ट्रीय मंच पर आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

Continue Reading