सुशासन तिहार से मिली रोजगार की नई राह: ओम प्रकाश पैकरा को मिला जॉब कार्ड, अब गांव में ही मिलेगा काम

सुशासन तिहार से मिली रोजगार की नई राह: ओम प्रकाश पैकरा को मिला जॉब कार्ड, अब गांव में ही मिलेगा काम

रायपुर , 4 जून 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। समाधान शिविरों के जरिए लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ गांव में ही उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत बलसेड़ी निवासी ओम प्रकाश पैकरा को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जॉब कार्ड प्रदान किया गया है, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसर खुल गए हैं।

पलायन की मजबूरी से मिली राहत

ओम प्रकाश पैकरा ने बताया कि जॉब कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें रोजगार की तलाश में गांव छोड़कर दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता था। इससे आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। परिवार से दूर रहने के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों का निर्वहन भी प्रभावित होता था।

उन्होंने बताया कि गांव में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में आवेदन देने के बाद उन्हें जॉब कार्ड उपलब्ध कराया गया। अब वे अपने गांव में ही मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

गांव में ही मिला समाधान

जॉब कार्ड मिलने पर पैकरा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि शासन की इस पहल से ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। अब उन्हें रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा और गांव में ही काम मिलने से परिवार की जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार

ओम प्रकाश पैकरा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। यह पहल ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है।

ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बना रहा सुशासन तिहार

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है। समाधान शिविरों में लोगों की समस्याओं का मौके पर निराकरण कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। ओम प्रकाश पैकरा जैसे अनेक हितग्राही इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने गांव में ही रोजगार प्राप्त कर सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

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