सूरजपुर,16 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। यहां गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का गेट बंद होने के कारण एक गर्भवती महिला को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। परिजनों के अनुसार, अस्पताल के बाहर ही महिला का प्रसव हो गया। जन्म के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई, जबकि प्रसूता की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
रात 11 बजे गर्भवती को लेकर अस्पताल पहुंचे थे परिजन
जानकारी के मुताबिक, गणेशपुर (श्रीनगर) निवासी अनिल कुमार सारथी की गर्भवती पत्नी को बुधवार रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद परिजन उन्हें रात करीब 11 बजे गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। आरोप है कि उस समय अस्पताल का मुख्य गेट बंद था और वहां कोई डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं थे।
परिजनों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाकर स्वास्थ्यकर्मियों से मदद मांगी, लेकिन उनकी सहायता के लिए कोई बाहर नहीं आया। इस दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ती गई और आखिरकार अस्पताल के गेट के सामने ही प्रसव हो गया।
जन्म के कुछ देर बाद नवजात की मौत
परिजनों के मुताबिक, बच्चे के जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। परिजनों का कहना है कि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी। इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र में रात के समय चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों ने गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने विरोध प्रदर्शन कर जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विरोध के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
दो स्वास्थ्यकर्मी निलंबित
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने जांच कराई। जांच में लापरवाही सामने आने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गणेशपुर में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक राजेश पटेल और सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) प्रमिला गिरी को निलंबित कर दिया गया है।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और प्रसव जैसी आपात स्थितियों में तत्काल उपचार सुनिश्चित करने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



